चीन-बांग्लादेश रक्षा संबंध
चीन ने हाल में ही भारत की सीमा के नजदीक एक ड्रोन फैक्ट्री बनने के लिए बांग्लादेश के साथ समझौता किया है। इससे न सिर्फ भारत, बल्कि अमेरिका की भी परेशानी बढ़ गई है। बांग्लादेश, चीन के साथ मिलकर डेवलप किए गए मल्टीरोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट JF-17 थंडर फाइटर जेट खरीदने के लिए पाकिस्तान से भी बातचीत कर रहा है। इसके अलावा चीन दूसरे कई तरीके से बांग्लादेश को सैन्य रूप से मदद कर रहा है, जिसमें चटगांव में नौसैनिक अड्डे का विकास भी शामिल है। चीन ने बांग्लादेश को कम से कम दो पुरानी पनडुब्बियां भी गिफ्ट की हैं। इसके अलावा वह बांग्लादेशी सेना को ट्रेनिंग भी दे रहा है।
बांग्लादेश में अमेरिकी राजदूत ने क्या कहा?
बांग्लादेश में अमेरिकी राजदूत ब्रैंट टी क्रिस्टेंसन ने मंगलवार को एक इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका दक्षिण एशिया में चीन के बढ़ते प्रभाव को लेकर परेशान है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका, चीन के साथ कुछ खास तरह के रिश्तों के खतरों के बारे में साफ-साफ बताने के लिए बांग्लादेशी सरकार के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार है। उन्होंने ज्यादा डिटेल दिए बगैर कहा कि अमेरिका, बांग्लादेश को उसकी मिलिट्री क्षमता की जरूरतों को पूरा करने में मदद करने के लिए कई ऑप्शन देता है, जिसमें अमेरिकी सिस्टम और उसके साथी पार्टनर देशों के सिस्टम शामिल हैं, ताकि चीनी सिस्टम के विकल्प दिए जा सकें।
चीन बोला- बांग्लादेश में दखलअंदाजी बर्दाश्त नहीं
इस बीच चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि बड़े स्ट्रेटेजिक पार्टनर के तौर पर, चीन और बांग्लादेश ने पॉलिटिकल, इकोनॉमिक और सिक्योरिटी फील्ड में सहयोग किया है, जिससे दोनों देशों को फायदा हुआ है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “हमारा आपसी फायदे वाला और दोस्ताना सहयोग किसी तीसरे पक्ष के खिलाफ नहीं है, न ही हम किसी तीसरे पक्ष की दखलअंदाजी बर्दाश्त करेंगे।”














