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  • भारत ने दी सधी प्रतिक्रिया, हालात बिगड़े तो भारतीयों को निकालने की कोशिश मुमकिन

    नई दिल्लीः भारत ने हालात पर चिंता जताते हुए कहा है कि सभी देशों की संप्रभुता और अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए। विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि ताजा घटनाओं से बेहद चिंतित हैं। हम दोनों पक्षों को संयम बरतने, नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की गुजारिश करते


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    By Azad Hind Desk मार्च 1, 2026
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    नई दिल्लीः भारत ने हालात पर चिंता जताते हुए कहा है कि सभी देशों की संप्रभुता और अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए। विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि ताजा घटनाओं से बेहद चिंतित हैं। हम दोनों पक्षों को संयम बरतने, नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की गुजारिश करते हैं। सभी पक्षों को डायलॉग और डिप्लोमेसी का रास्ता अख्तियार करना चाहिए।

    विदेश मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी

    बयान में कहा गया है कि इस क्षेत्र में हमारे मिशन सभी भारतीय नागरिकों के साथ हैं और इस संबंध में एडवाइजरी भी जारी की गई हैं। सभी से कहा गया है कि वे सतर्क रहें, मिशनों के संपर्क में रहें और स्थानीय सुरक्षा गाइडलाइंस का पालन करें। पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए भारत ने ना केवल ईरान और इस्राइल बल्कि दूसरे देशों के लिए भी सलाह जारी की है। बता दें कि ईरान को लेकर भारत सरकार पहले से ही तीन एडवाइजरी जारी कर चुकी है। इस्राइल में कुल दस हजार भारतीय रहते हैं जिनमें से चार हजार छात्र हैं।

    भारतीयों को अलर्ट रहने की हिदायत

    भारतीय दूतावास ने कतर में रहने वाले सभी भारतीयों से उचित सावधानी बरतने के लिए कहा है। उन्हें सभी सलाहों का पालन करने की सलाह दी गई है। सैन्य स्थानो से दूर रहने और घरों के भीतर रहने को कहा गया है। यूएई और फलस्तीन स्थित भारतीय मिशनो ने अडवाइजरी जारी कर भारतीयों से सावधान रहने को कहा है। माना जा रहा है कि हालात अगर बिगड़ते हैं तो भारत अपने नागरिको को निकालने के लिए इवैक्युएशन ड्राइव की अगुवाई कर सकता है।

    मोदी ने दिया था शांति का संदेश

    भारत के लिए पश्चिम एशिया क्षेत्र अहम है। इस क्षेत्र में क़रीब 9-10 मिलियन भारतीय रहते है। यही वजह है कि दो दिन पहले ही इस्राइल में पीएम ने कहा था कि मध्य एशिया की स्थिरता और शांति से भारत के हित जुड़े है। उन्होंने डायलॉग और डिप्लोमेसी से सभी विवादों को हल करने के लिए कहा था। अगर सीधे तौर पर इस्त्राइल और ईरान की बात करें, तो इस्राइल के साथ भारत ने हाल ही में अपनी साझेदारी को और गहरा किया है। ईरान के साथ भी गहरे आर्थिक तार जुड़े है।

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