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  • भारत ने ब्रिक्स नौसैनिक अभ्यास में भाग क्यों नहीं लिया? विदेश मंत्रालय ने दिया क्लियर जवाब

    नई दिल्ली: दुनिया भर में चल रही उथल-पुथल के बीच एक और अटकलें तब लगने लगीं जब भारत ने ‘ ब्रिक्स नौसैनिक अभ्यास’ में भाग नहीं लिया। अब इस मामले में विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट जवाब दिया है और बताया है कि आखिर भारत ने इस अभ्यास में भाग क्यों


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    By Azad Hind Desk जनवरी 17, 2026
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    नई दिल्ली: दुनिया भर में चल रही उथल-पुथल के बीच एक और अटकलें तब लगने लगीं जब भारत ने ‘ ब्रिक्स नौसैनिक अभ्यास’ में भाग नहीं लिया। अब इस मामले में विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट जवाब दिया है और बताया है कि आखिर भारत ने इस अभ्यास में भाग क्यों नहीं लिया। रणधीर जायसवाल ने कहा कि हम स्पष्ट करते हैं कि विचाराधीन अभ्यास पूरी तरह से दक्षिण अफ्रीका की पहल थी जिसमें कुछ ब्रिक्स सदस्य देशों ने भाग लिया था। यह कोई नियमित या संस्थागत ब्रिक्स गतिविधि नहीं थी, और न ही सभी ब्रिक्स सदस्य देशों ने इसमें भाग लिया था।

    भारत ने पहले भी इस तरह की गतिविधियों में भाग नहीं लिया है। इस संदर्भ में, भारत जिस नियमित अभ्यास का हिस्सा है, वह आईबीएसएएमआर नौसैनिक अभ्यास है, जिसमें भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका की नौसेनाएं भाग लेती हैं। आईबीएसएएमआर का पिछला संस्करण अक्टूबर 2024 में आयोजित किया गया था।

    भारत के अलवा ब्राजील ने भी खुद को इस नौसैनिक अभ्यास से अलग रखा

    बता दें कि BRICS देशों का संयुक्त नौसेना अभ्यास शुरू हो गया है, जिसमें चीन, रूस, दक्षिण अफ्रीका सहित अन्य देश इसमें भाग ले रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका ने इन अभ्यासों को वैश्विक स्तर पर बढ़ते समुद्री तनावों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया बताया है। दरअसल, ब्रिक्स ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के शुरुआती अक्षरों से मिलकर बना है, और दक्षिण अफ्रीका वर्तमान में इसकी अध्यक्षता कर रहा है।

    क्यों किया गया था ब्रिक्स देशों का गठन

    बता दें कि ब्रिक्स पांच देशों का एक समूह है और इसका गठन 16 जून 2009 में किया गया था। इस समूह को ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका रूस, भारत और चीन देशों द्वारा मिलकर बनाया था। ब्रिक्स राष्ट्र द्वारा हर साल औपचारिक शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जाता है और इस शिखर सम्मेलन में ब्रिक्स राष्ट्र के राज्य और सरकार के प्रमुख द्वारा हिस्सा लिया जाता हैं। ब्रिक्स देशों के गठन का मुख्य उद्देश्य था विकासशील देशों के बीच आर्थिक सहयोग और साझेदारी को बढ़ावा देना। इसका उद्देश्य वैश्विक अर्थव्यवस्था में इन देशों की भूमिका को मजबूत करना और विकसित देशों के प्रभुत्व को संतुलित करना था।

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