• National
  • भारत-ब्राजील की दोस्ती, लूला की यात्रा से खुलेंगे नए द्वार, फार्मा, मिनरल,एविएशन सेक्टर की चांदी

    नई दिल्ली: ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इंसियो लूला दा सिल्वा 18 से 22 फरवरी तक भारत यात्रा पर रहेंगे। वह यूं तो एआई इम्पैक्ट समिट (AI Impact Summit) के लिए दिल्ली आ रहे हैं, लेकिन उनकी यात्रा ग्लोबल साउथ के विचारों के लिए लिए भी महत्वपूर्ण है और दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्तों के लिए


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk फरवरी 14, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    नई दिल्ली: ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इंसियो लूला दा सिल्वा 18 से 22 फरवरी तक भारत यात्रा पर रहेंगे। वह यूं तो एआई इम्पैक्ट समिट (AI Impact Summit) के लिए दिल्ली आ रहे हैं, लेकिन उनकी यात्रा ग्लोबल साउथ के विचारों के लिए लिए भी महत्वपूर्ण है और दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्तों के लिए भी। लूला की यात्रा के दौरान भारत और ब्राजील के बीच कई तरह के समझौते होने हैं। दोनों देशों के अधिकारी इन समझौतों को अंतिम रूप देने में जुट चुके हैं।

    भारत और ब्राजील के रिश्ते में नई मजबूती

    भारत और ब्राजील आपस में न सिर्फ दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं, बल्कि कारोबारी क्षेत्र में भी तालमेल को बदलती जियो पॉलिटिक्स में नई धार भी देने की कोशिशों में जुटे हैं। ET की एक रिपोर्ट के अनुसार ब्राजील के राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरानों दोनों देशों में मुख्य रूप से फार्मी, जरूरी मिनरल और एविएशन क्षेत्र में बड़े समझौते होने की संभावना है। ब्राजील के राजदूत केनेथ एच दा नोब्रेगा बताया है कि दोनों देशों की जनता के बीच संपर्क बढ़ाने के इरादे से ब्राजील भारतीयों को 10 साल के मल्टीपल एंट्री टूरिस्ट वीजा देने की घोषणा करने वाला है।

    भारतीय दवा कंपनियों के लिए ब्राजील फायदेमंद

    इसके अलावा ब्राजील के राजयनियक ने इशारा किया है कि भारतीय पेशेवरों के लिए वह बिजनेस वीजा को भी आसान बनाने की सोच रहा है ताकि दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिले। नोब्रेगा के अनुसार स्वास्थ्य क्षेत्र में साझेदारी से दोनों देशों को फायदा होने वाला है। उनका कहना है कि ब्राजील के सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए बहुत बड़े पैमाने पर दवाई की जरूरत है; और किफायती होने की वजह से भारतीय दवा निर्यातकों के लिए उनके देश में कारोबार का बड़ा दरवाजा खुल सकता है।

    ब्राजील कैसे आ सकता है भारत के काम

    दूसरी तरफ लैटिन अमेरिकी देश में क्रिटिकल मिनरल्स का अथाह भंडार है और ब्राजील को लगता है कि भारत को इस क्षेत्र में उससे काफी फायदा मिल सकता है। चीन की चालबाजियों की वजह से क्रिटिकल मिनरल्स इस समय वैश्विक चिंता की वजह बना हुआ है और अमेरिका जैसे देश भी इसकी भरपाई के लिए बहुत ज्यादा सक्रिय हैं। भारत खुद भी इसकी बहुत बड़ी किल्लत झेल रहा है, ऐसे में ब्राजील उसके लिए समय पर काम आने वाला दोस्त साबित हो सकता है।

    भारत में बनेंगे ब्राजील के ट्रांसपोर्ट विमान

    नोब्रेगा ने बताया है कि उनके राष्ट्रपति के भारत दौरे के समय ही अडानी ग्रुप और उनकी एयरोनॉटिक्स कंपनी एम्ब्रेयर के बीच दूसरे एमओयू पर भी हस्ताक्षर होने वाले हैं। दोनों कंपनियों के बीच पिछले महीने ही भारत में एक मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी बनाने का करार हुआ है। भारत में रीजनल एविएशन सेक्टर में आने वाले दशकों में अनंत संभावनाएं हैं। इसी इरादे से ब्राजील की कंपनी एम्ब्रेयर भारत में सिविल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट बनाएगी, जो कि खासकर क्षेत्रीय वायु सेवाओं में इस्तेमाल की जा सके।

    भारत और ब्राजील की नई दोस्ती कितनी अहम

    लूला की भारत यात्रा को ब्राजील कितनी अहमियत दे रहा है कि वे अपने साथ 260 कंपनियों का बिजनेस डेलिगेशन लेकर आ रहे हैं। ब्राजील का कोई भी नेता पहले कभी इतना बड़ा प्रतिनिधिमंजल लेकर भारत नहीं आया। ब्राजील ने अभी तक अमेरिका के साथ ट्रे़ड डील को फाइनल नहीं की है, उससे पहले भारत के साथ इस तरह की संधियां करने और ऊपर से ब्रिक्स के अन्य देशों के साथ भी नजदीकी भागीदारी बदलते जियो पॉलिटिक्स के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हैं।

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।