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  • भारत विरोधी काठमांडू के मेयर बालेन्द्र शाह का इस्तीफा, नेपाल में यह क्या हो रहा है

    काठमांडू: काठमांडू मेट्रोपॉलिटन सिटी के मेयर बालेन्द्र शाह ने रविवार को इस्तीफा दे दिया। डिप्टी मेयर को लिखे एक पत्र में बालेन्द्र शाह ने कहा कि वह नेपाल के संविधान 2015, स्थानीय सरकार संचालन अधिनियम 2017 और महानगर के मौजूदा कानूनों के अनुसार पद छोड़ रहे हैं। शाह ने कहा कि उन्होंने अपनी मर्जी से


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    By Azad Hind Desk जनवरी 18, 2026
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    काठमांडू: काठमांडू मेट्रोपॉलिटन सिटी के मेयर बालेन्द्र शाह ने रविवार को इस्तीफा दे दिया। डिप्टी मेयर को लिखे एक पत्र में बालेन्द्र शाह ने कहा कि वह नेपाल के संविधान 2015, स्थानीय सरकार संचालन अधिनियम 2017 और महानगर के मौजूदा कानूनों के अनुसार पद छोड़ रहे हैं। शाह ने कहा कि उन्होंने अपनी मर्जी से इस्तीफा दिया है। बालेन्द्र शाह ने 2022 के स्थानीय चुनावों में एक स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर काठमांडू मेट्रोपॉलिटन सिटी के मेयर का चुनाव जीता था।

    बालेन्द्र शाह ने क्यों दिया इस्तीफा

    काठमांडू पोस्ट के अनुसार, बालेन्द्र शाह ने अपने इस्तीफे में कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान महानगर और उसके निवासियों के हित में अधिकतम जिम्मेदारी के साथ काम करने की कोशिश की। शाह ने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में महानगर का नेतृत्व, सेवा वितरण और विकास यात्रा अधिक प्रभावी, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी होगी। उन्होंने डिप्टी मेयर और मेट्रोपॉलिटन कार्यकारी की सफलता के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

    केपी शर्मा ओली को चुनौती देंगे बालेन्द्र शाह

    बालेन्द्र शाह हाल ही में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी में शामिल हुए हैं। वह 5 मार्च के चुनावों में झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। झापा-5 चार बार के प्रधानमंत्री और CPN-UML के अध्यक्ष केपी शर्मा ओली का निर्वाचन क्षेत्र है। बालेन्द्र शाह ने ऐलान किया है कि वो केपी शर्मा ओली को उन्हीं के निर्वाचन क्षेत्र में हरा देंगे। ऐसे में झापा-5 में चुनावी लड़ाई इस बार एक दिलचस्प मुकाबला बनने जा रही है।

    बालेन्द्र शाह को जेन-Z का समर्थन

    बालेन्द्र शाह ने नेपाल में जेन-जी आंदोलन का समर्थन किया था। ऐसा माना जाता है कि इस आंदोलन को उग्र बनाने और इसकी रणनीति को तैयार करने में बालेन्द्र शाह का हाथ था। शाह ने भी दावा किया है कि नेपाल में होने वाले चुनाव में उन्हें देश के युवाओं का जोरदार समर्थन मिलने जा रहा है। शाह की इसी लोकप्रियता को देखते हुए राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया है।

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