पाकिस्तान J-17 लड़ाकू विमान की बिक्री को लेकर लगातार झूठ बोल रहा है। उसने इस महीने की शुरूआत में इंडोनेशिया और सऊदी अरब के साथ साथ कई देशों को J-17 लड़ाकू विमान बेचने का दावा किया था। लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि पाकिस्तान के ये दावे पूरी तरह से झूठे हैं। लेकिन भारत के घातक ब्रह्मोस को कई देश खरीदना चाहते हैं। नवभारत टाइम्स को जानकारी मिली है कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच एक रक्षा सहयोग समझौता अपने आखिरी चरण में पहुंच रहा है। वहीं दोनों देशों के बीच ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल सौदे को लेकर बात चल रही है। हालांकि कुछ अड़चनें हैं, जिन्हें दूर करने की कोशिशें की जा रही हैं।
भारत और UAE के बीच ब्रह्नोस पर कहां फंसी है बात?
संयुक्त अरब अमीरात भारत से ब्रह्मोस मिसाइल खरीदना चाहता है। लेकिन नवभारत टाइम्स को पता चला है कि MTCR (290 किलोमीटर रेंज लिमिट) का अड़चन आ रहा है, जिसे दूर करने के उपाय खोजे जा रहे हैं। इसके अलावा रूस से भी मंजूरी लेने की जरूरत है और उसपर क्या डेवलपमेंट हैं, फिलहाल इसकी जानकारी हमें नहीं मिल पाई है। लेकिन UAE के राष्ट्रपति के नई दिल्ली दौरे के दौरान भारत की उभरती डिफेंस इंडस्ट्री और पावर डायनामिक्स में उनकी दिलचस्पी साफ तौर पर देखी गई है। ब्रह्मोस कोई साधारण हथियार नहीं है और भारत के MTCR में शामिल होने के बाद इसकी रेंज को बढ़ाकर 450 किलोमीटर से ज्यादा किया जा चुका है। लेकिन संयुक्त अरब अमीरात, मिसाइल टेक्नोलॉजी कंट्रोल रेजीम यानि MTCR का सदस्य नहीं है। नवभारत टाइम्स को ये भी पता चला है कि भारत और यूएई के बीच ‘सरकार से सरकार’ स्तर पर ब्रह्मोस समझौते को लेकर बात चल रही है।
पाकिस्तान, यूएई को भी J-17 फाइटर जेट बेचने की योजना बना रहा था, लेकिन यूएई ने उसे लात मार दी है। UAE भारत से खतरनाक ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने की योजना बना रहा है। कुछ दिन पहले, UAE के राष्ट्रपति पाकिस्तान गए थे। वह सिर्फ दो घंटे के लिए नूर खान एयरबेस पर आए थे और डिप्लोमेसी या भविष्य की डील पर बातचीत करने के बजाय, पाकिस्तान में उनका ज्यादातर समय दुर्लभ पक्षियों का शिकार करने और पाकिस्तानी सेना के फौजी फाउंडेशन को एक अरब डॉलर का दान करने में बीता था।














