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  • मकर संक्रांति से अगले दिन करें इन 5 चीजों का दान, 23 साल बाद बना है तिल द्वादशी का दुर्लभ संयोग

    मकर संक्रांति पर इस बार 23 साल बाद एकादशी तिथि का संयोग बना है। इसी तरह मकर संक्रांति के अगले दिन 23 साल बाद फिर से द्वादशी तिथि का संयोग हैं। ऐसे में इस बार मकर संक्रांति से अगले दिन दान पुण्य करने से एकादशी व्रत के साथ साथ संक्रांति का भी पूरा लाभ मिलेगा।


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    By Azad Hind Desk जनवरी 14, 2026
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    मकर संक्रांति पर इस बार 23 साल बाद एकादशी तिथि का संयोग बना है। इसी तरह मकर संक्रांति के अगले दिन 23 साल बाद फिर से द्वादशी तिथि का संयोग हैं। ऐसे में इस बार मकर संक्रांति से अगले दिन दान पुण्य करने से एकादशी व्रत के साथ साथ संक्रांति का भी पूरा लाभ मिलेगा। इस बार मकर संक्रांति के पर्व पर एकादशी का संयोग बना हुआ है। ऐसे में मकर संक्रांति के दिन चावल का दान करना शास्त्र सम्मत नहीं है तो मकर संक्रांति से संबंधित दान भी आप द्वादशी तिथि यानी 15 जनवरी को कर सकते हैं। बता दें कि माघ मास में आने वाली द्वादशी को तिल द्वादशी के नाम से जाना जाता है। आइए जानते हैं मकर संक्रांति से अगले दिन किन 5 चीजों का दान करने से मिलेगा पुण्य लाभ।

    1) मकर संक्रांति पर खिचड़ी दान करने का परंपरा है ऐसे में आप द्वादशी तिथि में आप चावल और दाल का दान कर सकते हैं।
    2) इसी के साथ मकर संक्रांति से अगले दिन मौसमी फलों का दान करना भी पुण्य फलदायी माना गया है।
    3) इसके अलावा मकर संक्रांति से अगले दिन यानी द्वादशी तिथि में आप किसी मंदिर में घी का दिन भी उत्तम माना गया है।
    4) इस बार मकर संक्रांति के अगले द्वादशी तिथि में आप गरम कपड़ों का दान भी कर सकते हैं। शास्त्रों में बताया गया है कि माघ मास में गरम कपड़ो का दान सर्वश्रेष्ठ माना गया है।
    5) मकर संक्रांति के अगले दिन जल से भरे कलश का दान करना भी बेहद पुण्य फलदायी रहेगा।
    मकर संक्रांति के अगले दिन दान का महत्व
    ऐसी मान्यता है कि जो व्यक्ति एकादशी तिथि में व्रत करके द्वादशी तिथि में दान पुण्य करता है। उसे भगवान विष्णु की विशेष कृपा तो मिलती ही है साथ ही व्यक्ति को अश्वमेघ यज्ञ के समान पुण्य फल मिलता है। साथ ही मान सम्मान में वृद्धि होने के साथ साथ कई गुना फल प्राप्त होता है। इस बार एकादशी के साथ मकर संक्रांति का दुर्लभ संयोग बनने से द्वादशी तिथि में दान पुण्य करने का दोगुना फल प्राप्त होगा।

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