प्रधानमंत्री मोदी को संबोधित करते हुए खरगे ने X पर लिखा, ‘भोंडे सौंदर्यीकरण और व्यवसायीकरण के नाम पर आपने बनारस के मणिकर्णिका घाट में बुलडोजर चलवाकर सदियों पुरानी धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को ध्वस्त कराने का काम किया है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘आप चाहतें हैं कि इतिहास की हर धरोहर को मिटाकर बस अपना नेम-प्लेट चिपका दिया जाएं।’
कांग्रेस नेता ने कहा कि पहले कॉरिडोर के नाम पर छोटे-बड़े मंदिर और देवालय तोड़े गए और अब प्राचीन घाटों की बारी है। गुप्त काल में वर्णित जिस मणिकर्णिका घाट, जिसका लोकमाता अहिल्याबाई होलकर जी ने पुनरुद्धार करवाया उस दुर्लभ प्राचीन धरोहर को आपने (मोदी) पुनः नवीनीकरणके बहाने तुड़वाने का अपराध किया है।
खरगे ने पीएम मोदी से कहा, काशी, दुनिया का प्राचीनतम शहर अध्यात्म, संस्कृति, शिक्षा और इतिहास का ऐसा संगम है जो पुरी दुनिया को अपनी ओर आकर्षित करता है। क्या इस सब के पीछे फिर से व्यावसायिक मित्रों को फायदा पहुंचाने की मंशा है? जल, जंगल, पहाड़, सब आपने उनके हवाले किए हैं, अब सांस्कृतिक विरासत की बारी आ गई है। देश की जनता के आपसे दो सवाल हैं-
1. जीर्णोद्धार, साफ़-सफ़ाई और सौंदर्यीकरण विरासत को सहेज कर भी हो सकता था?
खरगे ने कहा- पूरे देश को याद है संसद परिसर से आपकी सरकार ने किस तरह से महात्मा गांधी, बाबासाहेब आंबेडकर समेत भारत की महान हस्तियों की प्रतिमाओं को बिना किसी राय-मशवरे के एक कोने में रखवा दिया। जलियांवाला बाग मेमोरियल की दीवारों से इतिहास से हमारे स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानियों को इसी Renovation के नाम पर मिटाया गया।
2. मणिकर्णिका घाट में बुलडोजर का शिकार बनी सैंकड़ों साल पुरानी मूर्तियों पर कुल्हाड़ी चलाकर उन्हें मलबे में क्यों डाला गया, किसी म्यूजियम में संभाल कर रखा जा सकता था?
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, आपने (मोदी) दावा किया था- ‘माँ गंगा ने बुलाया है’ आज आपने मां गंगा को भुला दिया है। बनारस के घाट बनारस की पहचान हैं। क्या आप इन घाटों को जनता की पहुंच से दूर करना चाहते हैं? लाखों लोग हर वर्ष काशी मोक्ष प्राप्ति के लिए अपने जीवन के अंतिम पड़ाव में आते हैं। क्या आपकी मंशा इन श्रद्धालुओं से विश्वासघात करने की है?














