उन्होंने हाल ही में भारत आए यूएई के राष्ट्रपति का जिक्र करते हुए कहा कि 2026 को ‘परिवार वर्ष’ के रूप में मनाने की उनकी पहल बहुत सराहनीय है। पीएम मोदी ने कहा, ‘कुछ दिन पहले मेरे भाई, यूएई के राष्ट्रपति हिज हाइनेस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान भारत आए थे। उन्होंने मुझे बताया कि यूएई 2026 को ‘परिवार वर्ष’ के रूप में मना रहा है। इसका मकसद लोगों के बीच मेलजोल और सामुदायिक भावना को मजबूत करना है। यह वाकई एक सराहनीय पहल है।”
‘परिवार वर्ष’ क्या है?
यूएई सरकार की एक आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के निर्देशों पर और ‘यूएई वर्ष की पहल’ के तहत, 2026 को ‘परिवार वर्ष’ घोषित किया गया है। वेबसाइट में बताया गया है कि यह राष्ट्रीय पहल यूएई में रहने वाले सभी लोगों से परिवार को एक मजबूत, एकजुट और दयालु समुदाय की नींव के रूप में मनाने का आह्वान करती है। इसका उद्देश्य करीबी पारिवारिक रिश्तों को संजोने के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। ये रिश्ते ऐसे जड़ें हैं जिनसे मजबूत समुदाय विकसित होते हैं। यह एकता, देखभाल और सहयोग के स्थायी मूल्यों को बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने का प्रयास करता है कि ये मूल्य आने वाली पीढ़ियों को मिलें।
पीएम मोदी ने निमंत्रण पर भारत आए यूएई के राष्ट्रपति
बीते सोमवार को यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत की आधिकारिक यात्रा पर आए थे। यह पिछले 10 वर्षों में उनकी पांचवीं यात्रा थी और यूएई के राष्ट्रपति के रूप में उनकी तीसरी आधिकारिक यात्रा थी। उनकी यात्रा के दौरान एक रणनीतिक रक्षा साझेदारी को अंतिम रूप देने के लिए एक ‘लेटर ऑफ इंटेंट’ पर हस्ताक्षर किए गए। दोनों नेताओं ने आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता में अपनी साझा रुचि पर जोर दिया।














