• International
  • मिडिल ईस्ट की राजनीति में भूंकप, UAE ने पाकिस्तान में करोड़ों डॉलर के प्रोजेक्ट को छोड़ा, भारत, इजरायल पर बड़ा खुलासा

    अबू धाबी/इस्लामाबाद: भारत से जाते ही संयुक्त अरब अमीरात ने पाकिस्तान को बहुत बड़ा झटका दिया है। मिडिल ईस्ट आई (MEE) की रिपोर्ट के मुताबिक, UAE ने पाकिस्तान में इस्लामाबाद एयरपोर्ट का मैनेजमेंट संभालने के डील से हाथ खींच लिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि UAE ने अगस्त 2025 में पाकिस्तान की आर्थिक


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk जनवरी 24, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    अबू धाबी/इस्लामाबाद: भारत से जाते ही संयुक्त अरब अमीरात ने पाकिस्तान को बहुत बड़ा झटका दिया है। मिडिल ईस्ट आई (MEE) की रिपोर्ट के मुताबिक, UAE ने पाकिस्तान में इस्लामाबाद एयरपोर्ट का मैनेजमेंट संभालने के डील से हाथ खींच लिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि UAE ने अगस्त 2025 में पाकिस्तान की आर्थिक तंगी से जूझ रही सरकार के साथ प्राइवेटाइजेशन डील के फ्रेमवर्क पर सहमति जताई थी। लेकिन अब वो प्रोजेक्ट से बाहर निकल गया है। हालांकि रिपोर्ट में डील फेल होने के पीछे किसी राजनीतिक मकसद का ज़िक्र नहीं किया गया है। लेकिन मिडिल ईस्ट आई ने कहा है कि ये फैसला उस वक्त लिया गया है, जब UAE और सऊदी अरब के बीच दरार चरम पर है, जिसकी गर्मी पूरे दक्षिण एशिया में महसूस की जा रही है। वहीं, खुलासा हुआ है कि UAE, भारत और इजरायल के साथ नये तरह के सैन्य संबंध बना रहा है, जिसमें भारत के रास्ते इजरायली हथियार खरीदना शामिल है।

    मिडिल ईस्ट आई ने कहा है कि यूएई ने ये फैसला उस वक्त लिया है, जब सऊदी अरब और पाकिस्तान ने पिछले साल सितंबर में डिफेंस पैक्ट साइन किया था। जबकि UAE ने पाकिस्तान के कट्टर दुश्मन भारत के साथ नए डिफेंस डील साइन किए हैं। रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि हालांकि, इस्लामाबाद के दोनों खाड़ी देशों, यूएई और सऊदी के साथ आर्थिक और ऐतिहासिक संबंध हैं, लेकिन पाकिस्तान ने सऊदी अरब से ज्यादा करीबी संबंध होने के संकेत दिए हैं। दोनों देशों ने सितंबर 2025 में एक आपसी डिफेंस पैक्ट साइन किया था, और अब तुर्की भी इसमें शामिल होने पर विचार कर रहा है।

    UAE ने पाकिस्तान पर किया आर्थिक स्ट्राइक
    पाकिस्तान और UAE के संबंध भी अभी तक अच्छे रहे हैं और दोनों देशों के बीच मजबूत कारोबारी संबंध रहे हैं। खासकर कॉमर्शियल एविएशन सेक्टर में दोनों देशों के बीच सहयोग का इतिहास रहा है। पाकिस्तान ने 1980 के दशक में UAE की बहुत सफल एमिरेट्स एयरलाइंस को स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई थी। UAE की GAAC कंपनी के पास अफगानिस्तान के काबुल, हेरात और कंधार एयरपोर्ट पर ग्राउंड सर्विस देने का लाइसेंस है। पाकिस्तान की कभी शानदार रही नेशनल कैरियर, जो अब लगातार घाटे में चल रही है, उसे उसने हाल ही में पाकिस्तानी टाइकून आरिफ हबीब के नेतृत्व वाले एक ग्रुप को बेच दिया गया है।

    मिडिल ईस्ट आई ने कहा है कि “न्यूक्लियर हथियारों वाले पाकिस्तान ने लंबे समय से सऊदी अरब की सेना को ट्रेनिंग देने और उसमें हिस्सा लेने के लिए मिलिट्री ऑफिसर और एडवाइजर भेजे हैं। बदले में, रियाद ने इस्लामाबाद को फाइनेंशियल मदद दी है। 2018 में, उसने पाकिस्तान को 6 अरब डॉलर की वित्तीय मदद दी थी। पाकिस्तान के सेंट्रल बैंक में सऊदी अरब का अरबों अमेरिकी डॉलर जमा हैं। लेकिन जैसे ही सऊदी अरब ने इस्लामाबाद के साथ एक डिफेंस पैक्ट किया है, वैसे ही UAE भारत के करीब आता दिख रहा है। दोनों देशों ने इस हफ्ते अपने डिफेंस और ट्रेड संबंधों को गहरा करने के लिए एक समझौते पर साइन किए हैं।

    भारत-इजरायल से सैन्य संबंध कैसे बना रहा UAE?
    वहीं, अरब न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, UAE ने भारत के साथ रक्षा संबंध को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं। इन समझौतों के तहत, यूएई भारत को 3 अरब डॉलर की गैस सप्लाई करेगा और पश्चिमी भारतीय राज्य गुजरात में एक इन्वेस्टमेंट जोन विकसित करने के लिए एक “मेगा पार्टनरशिप” में हिस्सा लेगा। यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने पिछले हफ्ते भारत की छोटी मगर महत्वपूर्ण यात्रा की थी। उनके साथ देश के विदेश और रक्षा मंत्री भी थे। दोनों पक्षों ने न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी के संयुक्त विकास की संभावना तलाशने पर भी सहमति जताई और एक रणनीतिक रक्षा साझेदारी स्थापित करने के मकसद से एक लेटर ऑफ इंटेंट पर हस्ताक्षर किए।

    खाड़ी विश्लेषक एलेक्स जलील ने कहा कि भारत के साथ घनिष्ठ संबंध, हिंद महासागर और लाल सागर में अपनी स्थिति सुरक्षित करने की अबू धाबी की रणनीति का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि “UAE इजरायल, इथियोपिया और अब भारत के साथ ओवरलैपिंग सुरक्षा गठबंधन बना रहा है जो हॉर्न ऑफ अफ्रीका से लेकर इंडो-पैसिफिक तक उसके प्रभाव को मजबूत करते हैं, खासकर जब दक्षिण यमन और समुद्री पहुंच बिंदु विवादित बने हुए हैं।” इसके अलावा कुछ रिपोर्ट्स में ये भी दावा किया गया है, कि UAE, भारत के रास्ते इजरायली हथियार खरीद सकता है। इजरायल के कई घातक हथियार, जैसे की बराक-8 एयर डिफेंस सिस्टम और कुछ एडवांस ड्रोन अब भारत में बनते हैं। उन हथियारों को यूएई खरीद सकता है। यानि, सीधे इजरायल से खरीदने के बजाए, भारत के रास्ते हथियारों की खरीद पर बातचीत चल रही है।

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।