लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘युवाओं के पास नौकरी नहीं है, विनिर्माण गिर रहा है, निवेशक पूंजी निकाल रहे हैं, घरेलू बचत घट रही है, किसान संकट में हैं, आने वाले वैश्विक झटके, सभी को नजरअंदाज कर दिया गया।’ उन्होंने दावा किया कि यह एक ऐसा बजट जिसमें चीजों को दुरुस्त करने के बजाय वास्तविक संकटों से आंख मूंद ली गई।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश किया। उन्होंने घोषणा की कि पूंजीगत व्यय का लक्ष्य बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया जाएगा, जो चालू वित्त वर्ष के लिए 11.2 लाख करोड़ रुपये है। उन्होंने साथ ही देश में बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए कई उपायों की घोषणा की।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को तीन ‘कर्तव्य’ बताए, जिनसे न सिर्फ अर्थव्यवस्था को तेजी मिलेगी, बल्कि गरीब, वंचित और पिछड़े लोगों को भी ताकत मिलेगी। सीतारमण ने कहा कि सरकार के ‘संकल्प’ को पूरा करने के लिए और यह देखते हुए कि यह कर्तव्य भवन में तैयार किया गया पहला बजट है, हम तीन कर्तव्यों से प्रेरित हैं। निर्मला सीतारमण देश की पहली महिला वित्त मंत्री हैं, जिन्होंने लगातार नौवीं बार संसद में बजट पेश किया है। बजट में कैपिटल खर्च पर ज्यादा ध्यान दिए जाने की संभावना है, खासकर उन सेक्टर्स में जिन्हें मौजूदा जियोपॉलिटिकल मजबूरियों के कारण रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है।














