रामानंद सागर द्वारा निर्देशित धारावाहिक ‘रामायणम्’ में भगवान राम की अपनी यादगार भूमिका के लिए मशहूर एक्टर अरुण गोविल ने इस महाकाव्य पर आधारित फिल्म की सराहना करते हुए इसके लीड हीरो रणबीर कपूर की तारीफ की। गोविल ने कहा कि पर्दे पर भगवान की भूमिका वही व्यक्ति विश्वसनीय रूप से निभा सकता है, जो अच्छा एक्टर और अच्छा इंसान हो।
सनी देओल भगवान हनुमान और रवि दुबे भगवान लक्ष्मण के किरदार में
इस फिल्म में ‘केजीएफ’ एक्टर यश रावण की भूमिका में हैं, साई पल्लवी देवी सीता, सनी देओल भगवान हनुमान और रवि दुबे भगवान लक्ष्मण का किरदार निभा रहे हैं। फिल्म का निर्देशन ‘दंगल’ से मशहूर हुए नितेश तिवारी कर रहे हैं।
भगवान राम के किरदार में अब बारी है रणबीर कपूर की
महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित संस्कृत का एक आदिकाव्य और पवित्र हिंदू ग्रंथ ‘रामायण’ पर अब तक अनेक फिल्में और धारावाहिक बन चुके हैं। भगवान राम के जीवन, त्याग और आदर्शों की गाथा को लेकर भारत के लोगों में अनंत श्रद्धा है और जब इसे खूबसूरती से पर्दे पर लाया गया तो इसे लोगों का भरपूर प्यार भी मिला। अब तक तमाम एक्टर्स ने भगवान राम का किरदार निभाया है और अब बारी है रणबीर कपूर की।
‘रणबीर कपूर भगवान राम के रूप में बहुत अच्छे लग रहे’
गोविल ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘नितेश तिवारी की रामायणम् बहुत अच्छी लग रही है। नितेश तिवारी, कलाकारों और पूरी टीम ने इस पर बहुत मेहनत की है। लीड हीरो रणबीर कपूर भगवान राम के रूप में बहुत अच्छे लग रहे हैं। वह अच्छे एक्टर हैं और अच्छे इंसान भी।’ उन्होंने कहा, ‘भगवान की भूमिका निभाने के लिए आत्मा का शुद्ध होना और इंसान का अच्छा होना जरूरी है।’
अरुण गोविल ने कहा- भगवान की भूमिका निभाने के लिए रूप-रंग बहुत अहम
उन्होंने कहा, ‘जब कोई मानक तय हो जाता है तो तुलना होना स्वाभाविक है। भगवान की भूमिका निभाने के लिए रूप-रंग बहुत अहम होता है। जब लोग आपको देखें तो उन्हें आपमें भगवान दिखाई देने चाहिए।’ हालांकि, गोविल (68) ने आने वाली ‘रामायणम्’ की तुलना 2022 की फिल्म ‘आदिपुरुष’ से करने की कोशिशों को खारिज करते हुए कहा कि दोनों फिल्में मूल रूप से अलग हैं।
रामानंद सागर की ‘रामायण’ से तुलना पर बोले अरुण गोविल
नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही ‘रामायणम्’ दो भागों में बनी फिल्म है। इस फिल्म में जहां रणबीर ने भगवान राम की भूमिका निभाई है वहीं यश ने रावण, साई पल्लवी ने सीता, सनी देओल ने भगवान हनुमान का किरदार निभाया और रवि दुबे इस फिल्म में लक्ष्मण के रोल में दिखने वाले हैं। इस फिल्म की तुलना केवल ‘आदिपुरुष’ से नहीं बल्कि रामानंद सागर के धारावाहिक ‘रामायण’ से भी हो रही है। पिछले सप्ताह आयोजित एफडब्ल्यूआईसीई और सिने आर्टिस्ट वेलफेयर ट्रस्ट के एक कार्यक्रम हटकर बातचीत कर रहे थे। टेलीविजन पर 1987 में आई ‘रामायण’ में भगवान राम की भूमिका के लिए पहचाने जाने वाले गोविल ने कहा कि रामानंद सागर की ‘रामायण’ की गहरी छाप के कारण उससे तुलना होना स्वाभाविक है।
‘भगवान की भूमिका निभाने के लिए आपको वैसा दिखना चाहिए’
अब पीटीआई से हुई बातचीत में अरुण गोविल ने कहा, ‘जब कोई मानक तय किया जाता है तो तुलना स्वाभाविक रूप से होती है। किसी को भी बुरा नहीं लगना चाहिए कि मेरी तुलना की जा रही है। मेरा मानना है कि भगवान की भूमिका निभाने के लिए आपको वैसा दिखना चाहिए। रूप-रंग बहुत महत्वपूर्ण है।’ उन्होंने कहा कि जब इस रोल में लोग आपको देखें तो उन्हें आपमें भगवान दिखाई देने चाहिए और उन्हें लगे कि भगवान ऐसे भी हो सकते हैं।
अरुण गोविल बोले- रामायणम् और आदिपुरुष में बहुत अंतर
वहीं बता दें कि रणबीर की ‘रामायणम्’ प्रभास की ‘आदिपुरुष’ के करीब 3 साल बाद आ रही है। इस फिल्म में प्रभास ने भले भगवान राम की भूमिका निभाई थी लेकिन ओम राउत की फिल्म में कहानी के साथ की गई छेड़छाड़ लोगों को पसंद नहीं आई। फिल्म को लेकर काफी छीछालेदर मचा और आखिरकार सिनेमाघरों में इसका असर खूब देखने को मिला। इस फिल्म में प्रभास ने भगवान राम, सैफ अली खान ने रावण और कृति सैनन ने सीता का किरदार निभाया था। अरुण गोविल ने बातचीत में कहा कि नई ‘रामायणम्’ की तुलना ‘आदिपुरुष’ से नहीं की जानी चाहिए। रामायणम् और आदिपुरुष में बहुत अंतर है।’














