पीटीआई से बातचीत में राजपाल ने कहा कि वह जल्द ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे और अपना पक्ष रखेंगे। उन्होंने कहा, ‘सभी कानूनी मामले हाई कोर्ट में विचाराधीन हैं। चूंकि मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए मैं इस पर कोई कॉमेंट नहीं करना चाहता और अदालत के फैसलों का पूरी तरह सम्मान करता हूं।’ उन्होंने कहा कि अगले कुछ दिनों में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे और मीडिया के सभी सवालों का ईमानदारी से जवाब देंगे। उन्होंने मीडिया, देश भर के सभी लोगों और भारतीय सिनेमा जगत को उनके प्यार और सपोर्ट के लिए धन्यवाद कहा।
राजपाल यादव ने जेल में बिताए दिनों पर की बात
जेल में राजपाल यादव 5 फरवरी से लेकर 17 फरवरी तक रहे। वहां बिताए अपने दिनों पर बातें करते हुए राजपाल ने कहा कि उन्हें वहां मौजूद कैदियों से बातचीत करने के बाद लगा कि उनमें से कुछ लोग जीवन में एक और मौका पाने के हकदार हैं।
‘कैदियों ने एक बार गलती की और सालों उन्होंने जेल में बिता दिए’
उन्होंने आगे कहा कि कई कैदियों ने एक बार गलती की और सालों उन्होंने जेल में बिता दिए। उन्होंने कहा, ‘इन 20,000 कैदियों में से कुछ ऐसे भी हैं जिन्होंने एक बार गलती की और 10 साल से जेल में बंद हैं। अगर पहले से दर्ज कुछ कठोर नियमों में ढील दी जाए और कैदियों को उचित मूल्यांकन और जांच के आधार पर हर साल एक और मौका दिया जाए, तो मेरा मानना है कि इससे पॉजिटिविटी बढ़ेगी और उन्हें मुख्यधारा से फिर से जुड़ने में मदद मिलेगी।’
राजपाल ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से की है गुजारिश
उन्होंने कहा, ‘मैं (दिल्ली की मुख्यमंत्री) रेखा गुप्ता जी से एक निवेदन करना चाहता हूं। तिहाड़ जेल में बंद करीब 20,000 कैदियों में से कई की कहानियां सुनने का मौका मिला और इसके बाद मुझे ऐसा लगा कि शायद उनमें से लगभग 10 प्रतिशत लोग जीवन में एक और मौका पाने के हकदार हैं।’
राजपाल ने कहा- हजारों लोग ऐसे हैं जिनसे मिलने के बाद मुझे लगा
राजपाल ने जेल में बसों से बंद कैदियों को लेकर आगे कहा, ‘हजारों लोग ऐसे हैं जिनसे मिलने के बाद मुझे लगा कि अगर मुझे उनकी ओर से पैरवी भी करनी पड़े तो मैं जरूर करूंगा। उनमें कई युवा भी थे और ऐसा लगा कि अगर उनमें से 10 प्रतिशत को भी, एक तय कानूनी अवधि पूरी करने के बाद, जीवन में एक और मौका दिया जाए तो इससे सचमुच फर्क पड़ सकता है।’ जेल में बिताए अपने दिनों पर बातें करते हुए राजपाल ने कहा, ‘जेल में एक व्यवस्था है, मुझे उसी के भीतर रहना पड़ा और पॉजिटिविटी के साथ जीवित रहना पड़ा।’
राजपाल यादव 17 फरवरी की शाम करीब 4:50 बजे तिहाड़ जेल से बाहर निकले
बता दें कि जमानत से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद राजपाल यादव 17 फरवरी की शाम करीब 4:50 बजे तिहाड़ जेल से बाहर निकले। शिकायतकर्ता को डेढ़ करोड़ रुपये दिए जाने के बाद उन्हें राहत दी गई। यादव ने कहा, ‘2027 में, मैं बॉलीवुड में काम करते हुए 30 साल पूरे कर लूंगा। सभी लोग मेरे साथ रहे हैं। इसीलिए मैं 200-250 फिल्म कर सका।’
पूरे देश के लोगों का प्यार और सपोर्ट मिला
एक्टर ने मीडिया से बातचीत में ये भी कहा कि उन्होंने हमेशा उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन किया है और आगे भी करते रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जब भी आवश्यकता होगी वह उपलब्ध रहेंगे। यादव ने कहा कि उन्हें पूरे देश के लोगों का प्यार और सपोर्ट मिला है, और अगर कोई आरोप लगते हैं, तो वह पूरी तरह से और पारदर्शी तरीके से जवाब देने के लिए तैयार हैं।’
शिकायतकर्ता को 1.5 करोड़ रुपये जमा करा दिए
उन्होंने कहा, ‘अगर किसी को कानूनी जानकारी चाहिए तो वे मेरे वकील से बात कर सकते हैं।’ जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने इस बात पर गौर करने के बाद छह महीने की सजा को अंतरिम रूप से निलंबित कर दिया कि यादव ने शिकायतकर्ता, मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को 1.5 करोड़ रुपये जमा करा दिए हैं।
18 मार्च को होगी अगली सुनवाई
अदालत ने यादव को अपना पासपोर्ट जमा करने और बिना पूर्व अनुमति के देश न छोड़ने का निर्देश देते हुए कहा, ‘हम आपको सजा में अंतरिम छूट दे रहे हैं… यह अगली सुनवाई की तारीख तक लागू रहेगी।’ इसने उन्हें 18 मार्च को अगली सुनवाई की तारीख पर खुद मौजूद रहने या डिजिटल माध्यम से भी उपस्थित रहने का भी आदेश दिया। यादव ने 19 फरवरी को अपने परिवार में होने वाली शादी का हवाला देते हुए अपनी जमानत का अनुरोध किया था।














