जनवरी में बैंक क्रेडिट ग्रोथ 14.4% रही। आंकड़ों के मुताबिक पर्सनल लोन बाकी सभी सेगमेंट पर भारी रहा। 34.5 फीसदी के साथ बैंक क्रेडिट में इसकी एक तिहाई हिस्सेदारी है। इसके बाद सर्विसेज का नंबर है जिसमें एनबीएफसी को लेंडिंग में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली। इंक्रिमेंटल बैंक क्रेडिट में गोल्ड लोन की हिस्सेदारी 9 फीसदी रही। 26 जनवरी 2024 से 31 जनवरी 2026 के बीच आउटस्टेंडिंग क्रेडिट में 3.1 लाख करोड़ रुपये की तेजी आई है। पिछले दो साल में सोने की कीमत में 152 फीसदी तेजी आई है।
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टैरिफ का असर
साल के पहले महीने में रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में 62 फीसदी तेजी आई। आरबीआई ने बैंकों के लिए इस सेक्टर को लोन देना अनिवार्य कैटगरी में डाल रखा है। जनवरी में एक्सपोर्ट क्रेडिट में 17.2 फीसदी गिरावट आई जबकि पिछले साल जनवरी में यह 7 फीसदी बढ़ा था। अमेरिकी टैरिफ में बदलाव के कारण ऐसा हुआ है। ओवरऑल नॉन-फूड क्रेडिट 14 फीसदी बढ़ा। एक साल पहले इसमें 11 फीसदी तेजी आई थी। रिटेल लोन में जनवरी में 15 फीसदी तेजी आई जबकि पिछले साल यह 12 फीसदी बढ़ा था।
रिटेल में एजुकेशन लोन दूसरे सबसे तेजी से बढ़ा सेगमेंट रहा। जनवरी में इसमें 14 फीसदी तेजी आई जबकि पिछले साल जनवरी में इसमें 16 फीसदी तेजी आई थी। कॉरपोरेट सेक्टर ग्रोथ में जनवरी में 12 फीसदी तेजी रही जबकि एक साल पहले यह 8 फीसदी की रफ्तार से बढ़ा था। जेम्स एंड जूलरी और इंजीनियरिंग सेक्टर में एक बराबर 36 फीसदी तेजी आई। इंडस्ट्रीज के भीतर ये सबसे तेजी से बढ़ने वाले सेगमेंट रहे।













