पहली ही ओवर में जवाब
सीरीज के निर्णायक मुकाबले में टीम मैनेजमेंट ने प्रसिद्ध कृष्णा की जगह अर्शदीप सिंह को शामिल करने का फैसला किया। अर्शदीप ने इस फैसले को सही साबित करने में जरा भी वक्त नहीं लिया। न्यूजीलैंड की पारी का पहला ओवर फेंकने आए अर्शदीप की दूसरी गेंद पर डेवोन कॉनवे ने जरूर चौका लगाया, लेकिन अगली ही कुछ गेंदों में अर्शदीप ने शानदार वापसी की। उन्होंने बेहतरीन इनस्विंगर पर हेनरी निकोल्स के स्टंप्स बिखेर दिए। गेंद निकोल्स के बल्ले का अंदरूनी किनारा लेकर विकेटों में जा घुसी। पहले ही ओवर में सफलता दिलाकर अर्शदीप ने साबित कर दिया कि वे बड़े मैचों के खिलाड़ी हैं।
गौतम गंभीर पर बरसे फैंस
अर्शदीप के विकेट लेते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और इंस्टाग्राम पर फैंस ने हेड कोच गौतम गंभीर को आड़े हाथों लिया। क्रिकेट प्रेमियों का कहना था कि अर्शदीप जैसे विकेट-टेकर गेंदबाज को सीरीज के शुरुआती दो मैचों में बाहर बैठाना एक बड़ी गलती थी। फैंस ने गंभीर की चयन नीति पर सवाल उठाते हुए लिखा कि इतने प्रतिभाशाली गेंदबाज को नियमित मौका न देना शर्मनाक है। एक यूजर ने लिखा, “अर्शदीप ने आते ही अपनी काबिलियत दिखा दी, फिर भी गंभीर उन्हें बेंच पर बैठा रहे थे। यह खिलाड़ियों के आत्मविश्वास के साथ खिलवाड़ है।”
अश्विन का समर्थन पड़ा भारी
अर्शदीप के चयन को लेकर चल रही बहस के बीच दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन का एक पुराना बयान भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर अर्शदीप का पुरजोर समर्थन किया था। उन्होंने सवाल उठाया था कि आखिर गेंदबाजों को ही अपनी जगह साबित करने के लिए इतना संघर्ष क्यों करना पड़ता है? अश्विन ने कहा था, “अर्शदीप ने टीम के लिए इतना कुछ किया है, फिर भी वह अपनी जगह के लिए लड़ रहा है। जब वह लंबे समय बाद खेलेगा, तो थोड़ा जंग खाया हुआ लगेगा। यह आत्मविश्वास का खेल है। बल्लेबाजों के साथ ऐसा कभी नहीं होता, सिर्फ गेंदबाजों को ही क्यों निशाना बनाया जाता है?”
निर्णायक मोड़ पर खड़ा मैच
अर्शदीप सिंह के इस शुरुआती झटके ने भारतीय टीम को सीरीज के निर्णायक मैच में बढ़त दिला दी है। इंदौर की इस छोटी बाउंड्री और रनों से भरी पिच पर अर्शदीप की यह सफलता टीम इंडिया के लिए संजीवनी साबित हो सकती है। अब देखना यह होगा कि क्या टीम मैनेजमेंट इस प्रदर्शन के बाद अर्शदीप को आगामी महत्वपूर्ण दौरों और वर्ल्ड कप के लिए नियमित रूप से टीम में जगह देता है या ‘रोटेशन पॉलिसी’ के नाम पर फिर से किसी अन्य विकल्प की ओर देखता है।














