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  • वो ‘रोमियो’, जिसने दाऊद इब्राह‍िम से ली दुश्मनी, लोगों ने नाम दिया हुसैन उस्तरा

    ये कहानी शुरू होती है 80 और 90 के दशक से। मुंबई में अंडरवर्ल्ड अपने पैर जमाने में लगा हुआ था। एक शख्स जिसके नाम से हर कोई कांप रहा था..दाऊद इब्राहिम कास्कर। आम लोग तो छोड़िए, जुर्म की दुनिया को पेशा बनाने वाले गैंगस्टर्स भी इसे सलाम करते। लेकिन एक शख्स ऐसा भी था,


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    By Azad Hind Desk जनवरी 17, 2026
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    ये कहानी शुरू होती है 80 और 90 के दशक से। मुंबई में अंडरवर्ल्ड अपने पैर जमाने में लगा हुआ था। एक शख्स जिसके नाम से हर कोई कांप रहा था..दाऊद इब्राहिम कास्कर। आम लोग तो छोड़िए, जुर्म की दुनिया को पेशा बनाने वाले गैंगस्टर्स भी इसे सलाम करते। लेकिन एक शख्स ऐसा भी था, जिसे न झुकना मंजूर था और न ही दाऊद को सलाम ठोकना। वो अपनी खुद की बादशाहत में खुश था। उस डॉन का नाम था हुसैन शेख। लेकिन लोगों ने उसे नाम दिया हुसैन उस्तरा।

    लेकिन आज इतने दशकों के बाद अचानक हमें ये गैंगस्टर कैसे याद आ गया? दरअसल विशाल भारद्वाज और शाहिद कपूर की नई फिल्म ‘ओ रोमियो’ से इतिहास में गुम हुए दाऊद के इस दुश्मन की याद फिर से दिला दी है। हुसैन उस्तरा की बेटी का दावा है कि फिल्म में शाहिद का किरदार उसके पिता से मिलता है। हालांकि मेकर्स ने इससे इनकार किया है, लेकिन इससे हुसैन उस्तरा और सपना दीदी की कहानी फिर से ताजा हो गई है।

    कैसे मिला हुसैन उस्तरा नाम

    मुंबई की गरीबी में जन्मा और पले-बढ़े इस शख्स को मां-बाप से नाम मिला था, हुसैन शेख। हाथ में हथियार उठाना शायद किस्मत ने बचपन में ही उसकी किस्मत में लिख दिया था। दिखने में बिल्कुल सीधा-सादा साधारण सा लड़का। लेकिन बड़ा हुआ था सुपारी किलर बन गया। देखते ही देखते उसका खौफ बढ़ता चला गया। यहां तक कि दूसरे डॉन उसके नाम से भी कांपने लगे। क्राइम लेखक एस. हुसैन जैदी की मानें तो एक खूनी फाइट के बाद लोगों ने उसके नाम के आगे उस्तरा लगा दिया।

    हुसैन की उम्र उस समय बमुश्किल 16 साल रही होगी। एक लड़के से उसका झगड़ा हो गया। उसने अपने दुश्मन पर धारधार उस्तरे से इतने वार किए कि उसे देखकर डॉक्टर भी सकते में आ गए। उन्हें समझ ही नहीं आ रहा था कि टांके कैसे लगाए जाएं और कैसे इलाज किया जाए। इसके बाद ही मुंबई की सड़कों पर उसे हुसैन उस्तरा के नाम से एक नई पहचान मिल गई। फिर उसने खुद का गैंग ही खड़ा कर लिया।

    दाऊद से दुश्मनी

    ये उस दौर की बात है, जब दाऊद इब्राहिम का वर्चस्व बढ़ रहा था। उसकी बादशाहत को चुनौती देने वाले कुछ नामों में से एक नाम था हुसैन उस्तरा। उसे दाऊद के नीचे काम करना मंजूर नहीं था। वो अपनी अलग ही गैंग चलाकर खुश था। इसके चलते दाऊद और हुसैन के बीच दुश्मनी बढ़ती चली गई।

    दाऊद के खिलाफ तैयार किया सबसे खतरनाक हथियार

    कहा जाता है कि दाऊद के खिलाफ उसने सबसे खतरनाक हथियार को तैयार कर दिया था। दरअसल दाऊद के हाथों मारे गए एक शख्स की पत्नी अशरफ को बदला लेने के लिए ट्रेंड किया। उसने हथियार चलाना सीखा। हुसैन ने उसे मोटर साइकिल चलाना भी सिखाया। उसे नया नाम मिला सपना दीदी। उसके बदले की कहानी ने पूरे अंडरवर्ल्ड को हिलाकर रख दिया था। शारजाह में क्रिकेट मैच के दौरान दाऊद पर हमला करने की साजिश रची गई। लेकिन वो कामयाब नहीं हो पाई और उसकी कीमत उसकी कीमत चुकानी पड़ी।

    कैसे मारा गया हुसैन उस्तरा

    कहा जाता है कि हुसैन उस्तरा थोड़ा आशिक किस्म का शख्स था। उसकी कई गर्लफ्रेंड थीं। इसी का फायदा उठाकर छोटा शकील ने उसे एक लड़की के जाल में फंसा दिया। जब वो उससे मिलने गया तो छोटा शकील ने वहां पहुंचकर उसे गोलियों से भून दिया।

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