सऊदी अरब का डायरेक्ट हज प्रोग्राम भारतीयों के लिए एक अच्छी खबर है। भारत उन देशों में शामिल हैं, जहां से हर साल बड़ी संख्या में मुसलमान हज के लिए सऊदी अरब जाते हैं। ऐसे में भारतीय मुस्लिमों को इस प्रोग्राम का सीधा लाभ मिलेगा। इस साल हज मई महीने के आखिरी हफ्ते में किया जाएगा।
नुसुक हज प्लेटफॉर्म
अरब न्यूज के मुताबिक, सऊदी का नुसुक हज प्लेटफॉर्म यात्रियों को कई डिजिटल सहूलियत देता है। यहां यात्री पैकेजों की तुलना कर सकते हैं, डिजिटल वॉलेट से किश्तों में भुगतान कर सकते हैं और आधिकारिक तौर पर स्वीकृत सेवा प्रदाताओं की सूची देख सकते हैं। यानी अगर कोई यात्री कम बजट में हज करना चाहता है, तो वह ऐसे पैकेज को चुन सकता है जिसमें बुनियादी सुविधा हों।
सऊदी सरकार ने हज यात्रियों से आग्रह किया है कि वे प्लेटफॉर्म पर अपना रजिस्ट्रेशन कराएं या अपनी जानकारी अपडेट करें। साथ ही यह सुनिश्चित करें कि व्यक्तिगत डेटा और दस्तावेद सही हों। परिवार के सदस्यों को एक आवेदन में जोड़ने की सलाह दी गई है ताकि सत्यापन और मंजूरी की प्रक्रिया तेजी से पूरी हो सकें।
फ्रॉड ले बचना जरूरी
सऊदी मंत्रालय ने इस बताया है कि यह घोषणा केवल डायरेक्ट हज प्रोग्राम में शामिल देशों के लिए लागू होती है। अन्य देशों में हज की व्यवस्था स्थानीय स्वीकृत माध्यमों से ही होंगी। सऊदी सरकार ने कहा है कि डायरेक्ट हज प्रोग्राम वाले देशों के लिए नुसुक ही हज सेवाओं का आधिकारिक और स्वीकृत प्लेटफॉर्म है। ऐसे में सभी तरह के भुगतान और बुकिंग इसी प्लेटफॉर्म के जरिए होने चाहिए।
हज सऊदी अरब में मक्का की सालाना इस्लामी तीर्थयात्रा है। इसमें कई धार्मिक रस्में शामिल होती हैं। यह हर उस मुसलमान के लिए जिंदगी में एक बार करना फर्ज है जो इसका खर्च उठा सकता है और शारीरिक रूप से इसे करने में सक्षम है। हज इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक है। अन्य स्तंभों में एक अल्लाह पर यकीन, नमाज, जकात और रोजा शामिल हैं।














