ईरान को स्टारलिंक की मदद
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने सैटेलाइट इंटरनेट सेवा को ईरान के लोगों के लिए फ्री कर दिया है। सब्सक्रिप्शन फीस भी माफ कर दी है। पैसा नहीं दे पाने की वजह से जो अकाउंट अब तक बंद पड़े थे, वह भी अब ईरान में एक्टिव हो गए हैं।
कितने लोगों को होगा सैटेलाइट इंटरनेट का फायदा?
ईरान की आबादी 9 करोड़ से ज्यादा है लेकिन इतनी बड़ी जनता को सैटेलाइट इंटरनेट का फायदा नहीं हो पाएगा। सिर्फ उन लोगों को ही सुविधा मिल पाएगी जिनके पास स्टारलिंक की किट है। हालांकि इससे एक छोटी आबादी जरूर ऑनलाइन कनेक्ट हो पाएगी। खास यह भी है कि ईरानी सरकार की तरफ से स्टारलिंक के सिग्नलों को जाम करने की कोशिश की जा रही है।
ईरान में कैसे काम कर रहा Starlink?
ईरान में स्टारलिंक को आधिकारिक मंजूरी अबतक नहीं मिली है, लेकिन वहां चोरी-छुपे इसे इस्तेमाल किया जाता है। स्टारलिंक के उपकरणों को दुबई से नाव के रास्ते या पड़ोसी मुल्क इराक के बॉर्डर से स्मगल किया जाता है। फिर इसे घरों में सेट किया जाता है और इस्तेमाल किया जाता है। स्टारलिंक किट में मुख्य रूप से एक डिश एंटीना, राउटर और केबल्स शामिल होती हैं। डिश एंटीना को खुले आसमान के नीचे लगाना होता है, जबकि राउटर को घर के अंदर लगाकर उसे केबल के जरिए डिश से कनेक्ट करते हैं। फिर अंतरिक्ष से आने वाले सिग्नल डिश पर पहुंचते हैं और राउटर से होकर लोगों के स्मार्टफोन, लैपटॉप में इंटरनेट चलता है।
मस्क-ट्रंप में हुई डील?
ईरान में फ्री सैटेलाइट इंटरनेट के लिए क्या एलन मस्क और अमेरिकी राष्ट्रपति डाेनाल्ड ट्रंप के बीच कोई डील हुई है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान में स्टारलिंक की पहुंच को लेकर मस्क और ट्रंप के बीच बातचीत हुई थी, जिसके बाद यह बड़ा डेवलपमेंट देखने को मिला है।














