भारतीय वायुसेना की इस टीम ने पूरी तरह स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर ध्रुव का प्रदर्शन किया, जो भारत की आत्मनिर्भर रक्षा क्षमताओं का मजबूत उदाहरण है। यह एशिया का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित एयर शो है। सारंग टीम अपनी बेहद सटीक उड़ान, करीबी फॉर्मेशन में करतब और अनुशासित प्रदर्शन के लिए दुनियाभर में जानी जाती है।
फुर्तीला, भरोसेमंद और बहुउपयोगी है सारंग…
सिंगापुर एयर शो में सारंग के दमदार प्रदर्शन ने यह साबित किया कि एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर ध्रुव कितना फुर्तीला, भरोसेमंद और बहुउपयोगी हेलीकॉप्टर है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक इसे अलग-अलग सैन्य और मानवीय मिशनों में इस्तेमाल किया जा सकता है। सिंगापुर एयर शो 2026, एशिया का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित एयरोस्पेस और रक्षा प्रदर्शनी कार्यक्रम है। यह शो 3 से 8 फरवरी तक सिंगापुर के चांगी एग्जीबिशन सेंटर में आयोजित हो रहा है। इसमें दुनिया भर की वायु सेनाएं, रक्षा कंपनियां, एविएशन इंडस्ट्री के दिग्गज और नीति-निर्माता शामिल हो रहे हैं।
एयर शो में 37 विमानों का लगाया गया स्टैटिक डिस्प्ले
इस एयर शो का मकसद सिर्फ आधुनिक सैन्य और नागरिक विमान दिखाना ही नहीं है, बल्कि रणनीतिक संवाद, पेशेवर सहयोग और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रक्षा साझेदारी को भी मजबूत करना है। सिंगापुर एयर शो 2026 में सारंग टीम के अलावा तीन अन्य एरोबेटिक टीमें भी हिस्सा ले रही हैं। इसके साथ ही एयर शो में 37 विमानों का स्टैटिक डिस्प्ले भी लगाया जा रहा है। यहां दर्शक करीब से आधुनिक विमानों और हेलीकॉप्टरों को देख सकते हैं।
2005 में हुई थी सारंग एरोबेटिक टीम की स्थापना
सारंग एरोबेटिक टीम की स्थापना 2005 में हुई थी। इस टीम में पांच एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर ध्रुव हेलीकॉप्टर शामिल हैं। अब तक यह टीम कई बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का परचम लहरा चुकी है। वहीं, देश के अंदर भी सारंग टीम नियमित रूप से एयर शो और राष्ट्रीय आयोजनों में प्रदर्शन करती है। इसके अलावा, टीम ने आपदा राहत और मानवीय सहायता अभियानों में भी अहम भूमिका निभाई है। अब सिंगापुर एयर शो 2026 में भारतीय वायुसेना और सारंग टीम की मौजूदगी भारत की तकनीकी क्षमता, पायलटों के कौशल और मेक इन इंडिया रक्षा प्लेटफॉर्म्स की ताकत को दुनिया के सामने मजबूती से पेश करने जा रही है।














