एंथ्रोपिक के पॉलिसी रोडमैप की बड़ी बातें
- 2027 की शुरुआत में AI सिस्टम, इंसानी रिसर्चर्स की बड़ी टीमों के काम को पूरी तरह ऑटोमेट कर सकते हैं।
- एनर्जी, रोबोटिक्स और खुद के क्षेत्र में हो रही तेज तरक्की के गंभीर नतीजे हो सकते हैं।
- रोडमैप में यह चिंता जताई गई है जिन क्षेत्रों में एआई बहुत तेज तरक्की कर रहा है, उससे इंटरनेशनल सिक्योरिटी पर असर पड़ सकता है।
AI के विकास की रफ्तार उम्मीद से अधिक
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, एंथ्रोपिक का यह डॉक्युमेंट हाल ही में पब्लिश हुआ है। इसमें कहा गया है कि एआई के विकास की रफ्तार लोगों की उम्मीद से बहुत अधिक है। इस रोडमैप में सेफ्टी और पॉलिसी सेफगार्ड पर भी फाेकस किया गया है, लेकिन इसका जो हिस्सा एक्स पर सामने आया है, उसमें एआई के खतरों को हाइलाइट किया गया है। यह दर्शाने की कोशिश की गई है कि आने वाले एक साल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की वजह से बहुत सी नौकरियों पर संकट आ सकता है।
एंथ्रोपिक ‘कोवर्क’ ने बढ़ाई सॉफ्टवेयर कंपनियों की चिंता
साल 2026 की शुरुआत से ही एंथ्रोपिक चर्चा का केंद्र बनी हुई है। इससे लेटेस्ट एआई मॉडल Cowork (कोवर्क) के आने से सॉफ्टवेयर कंपनियों में हलचल है, क्योंकि कोवर्क बहुत सारे कामों को ऑटोमेट कर सकता है। वह कंप्यूटर में फाइलें ढूंढने से लेकर उन्हें अरेंज करने जैसे काम कर सकता है। क्लाउड कोवर्क की खूबियों ने दुनियाभर के निवेशकों को चिंता में डाला है क्योंकि ऐसा अंदेशा है कि इससे वाइट कॉलर जॉब्स ऑटोमेशन की दिशा में जा सकती हैं।














