पाकिस्तान की तरफ से छोटे ड्रोन
भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि जहां तक ड्रोन की बात है, हमने जो ड्रोन देखे हैं, वे बहुत छोटे ड्रोन हैं। वे अपनी लाइट जलाकर आते हैं। वे बहुत ज़्यादा ऊंचाई पर नहीं उड़ते हैं, और उन्हें बहुत कम बार देखा गया है। 10 जनवरी को लगभग 6 ड्रोन देखे गए थे, और 11 और 12 जनवरी को 2 से 3 ड्रोन देखे गए थे। मेरा मानना है कि ये डिफेंसिव ड्रोन थे, जो यह देखने की कोशिश कर रहे थे कि क्या हमारे खिलाफ कोई कार्रवाई की जा रही है।
डीजीएमओ से ड्रोन मुद्दे पर हुई बातचीत
सेना प्रमुख ने कहा कि हो सकता है कि वे यह भी देखना चाहते हों कि भारतीय सेना में कोई कमी या ढिलाई तो नहीं है, कोई ऐसी जगह तो नहीं है जहां से वे आतंकवादियों को भेज सकें। तो, मुझे लगता है कि उन्हें नेगेटिव जवाब मिला होगा। उन्होंने देखा होगा कि आज की तारीख में ऐसी कोई जगह, कोई कमी नहीं है जहां से वे उन्हें भेज सकें।
जनरल द्विवेदी ने कहा, लेकिन यह पक्का है: आज हमारी DGMO (डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस) से बात हुई। उस बातचीत में इस मामले पर चर्चा हुई, और उन्हें बताया गया कि यह हमें मंजूर नहीं है, और कृपया इसे रोकें। यह बात उन्हें बता दी गई है।
व्यापक कार्रवाई चाहता है पाकिस्तान
इससे पहले डिफेंस एक्सपर्ट्स भी पाकिस्तान के ड्रोन गतिविधियों के बढ़ने को लेकर चिंता जता चुके हैं। रक्षा विशेषज्ञ (सेवानिवृत्त) कैप्टन अनिल गौड़ के अनुसार पाकिस्तान की इन हरकतों से यह साफ जाहिर हो रहा है कि वो हर बार मुंह की खाने के बाद भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। उसकी नापाक हरकतें से किसी से छुपी नहीं हैं। मौजूदा समय में जिस तरह का रुख पाकिस्तान की ओर से देखने को मिल रहा है, उससे यह साफ जाहिर होता है कि आने वाले दिनों में हमें अपनी कार्रवाई को व्यापक रूप देना होगा, तभी जाकर ये लोग सुधरेंगे।













