• Business
  • हर बुधवार को होगी DDA फ्लैट्स की जनसुनवाई, जान लीजिए जगह और समय

    नई दिल्ली: DDA फ्लैट्स की समस्याओं के हल के लिए जनसुनवाई का नया सिस्टम शुरू किया जा रहा है। DDA हाउसिंग डिप्टी डायरेक्टर चिन्मय चक्रवर्ती ने इस बारे में सर्कुलर जारी किया है। जिसके मुताबिक यह जनसुनवाई साइट इंजिनियर करेंगे वह लोगों की समस्याओं को सुनेंगे और उन्हें दूर करेंगे। इस जनसुनवाई में खासतौर से


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk जनवरी 24, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    नई दिल्ली: DDA फ्लैट्स की समस्याओं के हल के लिए जनसुनवाई का नया सिस्टम शुरू किया जा रहा है। DDA हाउसिंग डिप्टी डायरेक्टर चिन्मय चक्रवर्ती ने इस बारे में सर्कुलर जारी किया है। जिसके मुताबिक यह जनसुनवाई साइट इंजिनियर करेंगे वह लोगों की समस्याओं को सुनेंगे और उन्हें दूर करेंगे। इस जनसुनवाई में खासतौर से फ्लैट्स की हैंडलिंग मेटिनेंस, हाउसिंग पॉकिट से जुड़े मुद्दे जैसे सिक्युरिटी आदि की सुनवाई होगी। DDA फ्लैट्स के विभिन्न पॉकेट के इंचार्ज और साइट इंजिनियर इसमें रहेंगे। हर हफ्ते बुधवार को दोपहर 2.30 से 4.30 बजे तक जनसुनवाई होगी।

    यह भी निर्देश दिया गया है कि साइट इंजिनियर और विभिन्न पॅकिट के इंचार्ज इस पब्लिक हियरिंग में रखे गए मुद्दों और इनमें शामिल होने वाले लोगों का पूरा रेकॉर्ड मेंटेन करेंगे। जनसुनवाई में रखी गई लोगों की समस्याओं का साइट इंजिनियर समयबद्ध तरीके से समाधान करेंगे। अपने सभी जोन के चीफ इंजिनियरों को यह व्यवस्था सुचारू रूप से चलने के लिए कहा गया है। DDA ने हाउसिंग गतिविधियां 1967 से शुरू की थी। तब से अब तक यह 50 से अधिक हाउसिंग स्कीम उतार चुका है। DDA की 2022 तक 240 से अधिक RWA है। पुराने फ्लैट्स होने की वजह से लोगों को यहां अक्सर इन्फ्रास्ट्रक्चर आदि की परेशानियां आती है।

    DDA Flats: दिल्ली में बिके 9 लाख रुपये के फ्लैट, मच गई अफरा-तफरी, डीडीए की यह स्कीम कैसी?

    क्यों पड़ी जरूरत

    बीते कुछ साल में आरडब्ल्यूए सबसे अधिक शिकायतें मेंटिनेस आदि पर कर रही हैं। लोग डीडीए के मिकैनिज्म से परेशान है। लोकल स्तर पर सुनवाई नहीं होने की वजह से लोगों को हेडक्वॉर्टर के चक्कर लगाने पड़ते है। हालांकि डीडीए ने अपनी हर आरडब्ल्यूए के साथ लिंक ऑफिसर को जोड़ा हुआ है। आरडब्ल्यूए से कहा जाता है कि वह लिंक ऑफिस से अपनी समस्याएं बता सकती है, लेकिन इसके बावजूद लोगों की शिकायतों का समाधान नहीं होता।

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।