यह भी निर्देश दिया गया है कि साइट इंजिनियर और विभिन्न पॅकिट के इंचार्ज इस पब्लिक हियरिंग में रखे गए मुद्दों और इनमें शामिल होने वाले लोगों का पूरा रेकॉर्ड मेंटेन करेंगे। जनसुनवाई में रखी गई लोगों की समस्याओं का साइट इंजिनियर समयबद्ध तरीके से समाधान करेंगे। अपने सभी जोन के चीफ इंजिनियरों को यह व्यवस्था सुचारू रूप से चलने के लिए कहा गया है। DDA ने हाउसिंग गतिविधियां 1967 से शुरू की थी। तब से अब तक यह 50 से अधिक हाउसिंग स्कीम उतार चुका है। DDA की 2022 तक 240 से अधिक RWA है। पुराने फ्लैट्स होने की वजह से लोगों को यहां अक्सर इन्फ्रास्ट्रक्चर आदि की परेशानियां आती है।
DDA Flats: दिल्ली में बिके 9 लाख रुपये के फ्लैट, मच गई अफरा-तफरी, डीडीए की यह स्कीम कैसी?
क्यों पड़ी जरूरत
बीते कुछ साल में आरडब्ल्यूए सबसे अधिक शिकायतें मेंटिनेस आदि पर कर रही हैं। लोग डीडीए के मिकैनिज्म से परेशान है। लोकल स्तर पर सुनवाई नहीं होने की वजह से लोगों को हेडक्वॉर्टर के चक्कर लगाने पड़ते है। हालांकि डीडीए ने अपनी हर आरडब्ल्यूए के साथ लिंक ऑफिसर को जोड़ा हुआ है। आरडब्ल्यूए से कहा जाता है कि वह लिंक ऑफिस से अपनी समस्याएं बता सकती है, लेकिन इसके बावजूद लोगों की शिकायतों का समाधान नहीं होता।













