• National
  • अंतरराष्ट्रीय कानूनों को अगर शी जिनपिंग और पुतिन ने ताक पर रखा तो क्या होगा? अतीत में उल्टे पड़ चुके हैं US के कदम

    अमिताभ सिंह: डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का अपहरण कर दुनिया को फिर चौंकाया है। यूं तो वेनेजुएला में अमेरिकी दखलंदाजी महीनों पहले शुरू हो गई थी। मगर जिस तेजी से मादुरो को हटाया गया, उसकी कल्पना शायद ही किसी ने की होगी। इस पूरे घटनाक्रम से अंतरराष्ट्रीय बिरादरी सन्न है। संयुक्त


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk जनवरी 5, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    अमिताभ सिंह: डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का अपहरण कर दुनिया को फिर चौंकाया है। यूं तो वेनेजुएला में अमेरिकी दखलंदाजी महीनों पहले शुरू हो गई थी। मगर जिस तेजी से मादुरो को हटाया गया, उसकी कल्पना शायद ही किसी ने की होगी। इस पूरे घटनाक्रम से अंतरराष्ट्रीय बिरादरी सन्न है। संयुक्त राष्ट्र संघ के चीफ एंटोनियो गुटेरेस की प्रवक्ता स्टेफनी डु जैरिक ने कहा, ‘वेनेजुएला में जो हुआ है, उससे एक खतरनाक चलन शुरू हो सकता है।

    सबसे बड़ा तेल भंडार। मादुरो को हटाना दक्षिण अमेरिका के लिए निर्णायक घटना है। वेनेजुएला एक बड़ा मुल्क है। वह इस क्षेत्र की सियासत में प्रभाव रखता है। दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार भी वहीं है, सऊदी अरब से कहीं ज्यादा। इसी वजह से अमेरिका ने यह कदम उठाया है। भले ट्रंप कुछ भी बहाना बनाएं। भले वह आरोप लगाएं कि मादुरो ‘ड्रग कार्टेल’ के मुखिया है और उनके देश से अमेरिका में नशीली दवाओं की

    बड़े पैमाने पर तस्करी होती है।

    एडमुन्डो या मरिया। वेनेजुएला के लिए आज सबसे बड़ा सवाल है कि मादुरो के बाद वहां सत्ता किसके पास होगी? यूं तो ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका उसे ‘चलाएगा, लेकिन वास्तविक तस्वीर अभी सामने नहीं आई है। ट्रंप ने अभी यह भी नहीं बताया कि मादुरो की जगह कौन लेगा। एडमुन्डो गोंजाल्वेज या मरिया कोरीना मचादो? मरिया नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित हैं। मादुरो के ख़िलाफ़ पिछले चुनाव में पहले प्रत्याशी वही थीं, लेकिन उनके चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी गई थी।

    खराब रेकॉर्ड । दक्षिण अमेरिका में इससे पहले 1989 में जॉर्ज बुश ने पनामा के तानाशाह शासक मैनुएल नोरिएगा को पकड़ने के लिए फौज भेजी थी। इतिहास यह भी बताता है कि अक्सर ऐसे अभियान उलटे पड़ते हैं। दक्षिण अमेरिका में अमेरिका ने पहले जब भी सैन्य दखल दिया, वह त्रासदी ही बना। चाहे 1964 में ‘Bay of Pigs’ हो या 1954 में CIA के समर्थन से ग्वाटेमाला में लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार को गिराना। अमेरिका की ऐसी कारस्तानियों से दक्षिण अमेरिका ने दशकों तक गृह युद्ध और अस्थिरता देखी।

    उल्टा पड़ा था दांव। 1964 में अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ केनेडी ने क्यूबा के नेता फिदेल कास्त्रो के तख्तापलट की कोशिश की थी, जिसमें वह नाकाम रहे। उनकी इसी गलती के कारण 1973 में क्यूबन मिसाइल क्राइसिस खड़ा हुआ। फिर 1973 में अमेरिका के समर्थन से चिली में राष्ट्रपति सल्वाडोर अलेंदे हटाए गए। इससे तानाशाह ऑगस्तो पिनोशे सत्ता में आए, जिन्होंने 17 साल तक वहां बर्बर तरीके से राज किया। जहां तक वेनेजुएला की बात है तो 2002 में अमेरिका ने ह्यूगो शावेज को सत्ता से हटाने की कोशिश की थी। मगर यह दांव उलटा पड़ गया था।

    कानून का मजाक । इस बार अमेरिका ने और खतरनाक खेल खेला है। ट्रंप ने जो किया है, वैसा ही अगर चीन और रूस अपने दुश्मनों के विरुद्ध करें तो क्या होगा? ऐसी हरकतें अंतरराष्ट्रीय कानूनों का मजाक बनाती हैं। जॉर्ज बुश ने जब इराक पर हमला किया था तो उसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों के लिए बड़ा झटका माना गया था, जबकि तब अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का समर्थन हासिल करने की कोशिश की थी। इस बार तो ट्रंप और उनकी टीम ने इसकी जहमत तक नहीं उठाई। न ही अपनी संसद की अनुमति ली।

    ट्रंप ने तोड़ा वादा। दूसरी बार सत्ता में आए डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव प्रचार के दौरान अंतहीन युद्धों का सिलसिला खत्म करने की बात कही थी। मगर वेनेजुएला में उन्होंने ये वादे तोड़ दिए हैं। बहरहाल, आगे अमेरिका का विरोध दुनिया में किस हद तक बढ़ता है, वह इस पर निर्भर करेगा कि उसका अगला कदम क्या होता है।

    (लेखक JNU के स्कूल ऑफ इंटरनैशनल स्टडीज में असोसिएट प्रफेसर हैं)

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।