पर्सनल फोन ले जाने की मंजूरी
नासा के अनुसार, (ref.) अंतरिक्ष यात्रियों को उनके पर्सनल फोन ले जाने की मंजूरी होगी। वो क्रू-12 मिशन में स्मार्टफोन ले जा सकेंगे, जो फरवरी में लॉन्च होना है और इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन की उड़ान भरेगा। वहीं, आर्टिमिस II मिशन को मार्च में लॉन्च किए जाने की योजना है।
अब तक कौन से गैजेट होते थे इस्तेमाल
नासा के अंतरिक्ष यात्री अभी तक निकॉन के DSLR कैमरों और GoPro को अंतरिक्ष में इस्तेमाल करते हैं। इनमें भी कुछ पुराने डिजाइन वाले गैजेट्स को ही उपयोग किया जा रहा है। अब स्मार्टफोन यूज होने से अंतरिक्ष में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की एक नई दुनिया शुरू होगी। स्मार्टफोन्स को कैरी करना, चलाना और फौरन इस्तेमाल करना बहुत आसान है, इसलिए ऐसा माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में अंतरिक्ष से चौंकाने वाली तस्वीरें-वीडियोज सामने आ सकते हैं।
क्या कहना है Nasa का
NASA के एडमिनिस्ट्रेटर जेरेड आइजैकमान के अनुसार, इस फैसले से क्रू अपने एक्सपीरियंस को ज्यादा बेहतर तरीके से डॉक्युमेंट कर पाएगा। अंतरिक्ष यात्री, लोगों के साथ अधिक संख्या में फोटो और वीडियो शेयर कर पाएंगे। आइजैकमान ने X पर लिखा कि हम अपने क्रू को उनके परिवारों के लिए खास पलों को कैप्चर करने और दुनिया के साथ इमेज और वीडियो शेयर करने के लिए टूल दे रहे हैं। नासा का मानना है कि इसका फायदा तब अधिक होगा जब चंद्रमा पर रिसर्च आगे बढ़ेगी, क्योंकि अंतरिक्ष यात्री अपने पर्सनल गैजेट्स से हर बारीक चीज को जल्द शूट कर पाएंगे।
स्मार्टफोन को अंतरिक्ष में ले जाने के फायदे?
मौजूदा स्मार्टफोन बहुत एडवांस हो गए हैं। उनमें हाईटेक सेंसर लगने लगे हैं। इमेज स्टैबलाइजेशन की सुविधा मिलती है। सैमसंग और आईफोन्स अपनी कैमरा और वीडियो क्वॉलिटी के लिए पहचाने जाते हैं। चीनी कंपनियां अपने प्रीमियम स्मार्टफोन्स में फोटोग्राफी के लिए अलग से टूलकिट दे रही हैं। अंतरिक्ष यात्री भी स्मार्टफोन्स के आदी हैं। फीचर्स और स्पेसिफिकेशंस की समझ रखते हैं। यही वजह है कि अंतरिक्ष में स्मार्टफोन का इस्तेमाल लगभग रह तरह से फायदेमंद होने वाला है।













