नेहा धूपिया ने ‘बॉलीवुड हंगामा’ से बातचीत में बताया, ‘जब मैं काम नहीं कर रही होती हूं तो मुझे बेचैनी होती है। इंडस्ट्री में 20 साल बिताने के बाद भी, जब काम नहीं होता तो मैं तकिए पर सिर रखकर रोती हूं। मैंने तीन दिन पहले भी ऐसा ही किया था। मैं इस बारे में कोई दुख भरी कहानी नहीं बनाना चाहती क्योंकि मुझे फिल्मों का काम बहुत पसंद है। मुझे लगता है कि यह मुझे कभी निराश नहीं करेगा।’
नेहा धूपिया के लिए मुश्किल होती है
नेहा ने आगे बताया कि इंडस्ट्री में एक्ट्रर्स को हमेशा मोटी चमड़ी वाला बनने की सलाह दी जाती है, लेकिन प्रोजेक्ट खोना और लगातार आलोचना का सामना करना काफी मुश्किल हो सकता है। ‘सबसे जरूरी बात तो ये है कि कि जब आप काम नहीं कर रहे होते हैं, तो आपके आस-पास वाला हर कोई काम कर रहा होता है। आप लाइफ को ऐसे जाते हुए देखते हैं। मुझमें और एक नए कलाकार में बस यही फर्क है कि मैं ऐसी चीजों से बाहर निकलना जानती हूं। मैं कई बार इस तरह की चीजों से गुजर चुकी हूं।’
नेहा धूपिया कभी बेरोजगार नहीं रहीं
एक्ट्रेस ने बताया कि जब उनको तीन-चार साल तक एक्टिंग का कोई काम नहीं मिलता तो वह थक जाती हैं लेकिन भगवान की कृपा से कभी बेरोजगार नहीं रहीं। कभी ऐसा नहीं हुआ कि वह खाली हो क्योंकि वह बहुत कुछ करती हैं। उससे वह थक जाती हैं लेकिन अंत में संतोष होता है कि कुछ किया है।
अक्षय खन्ना से होती हैं मोटिवेट
उन्होंने आगे कहा कि काम से हमेशा और काम मिलता है। अक्षय खन्ना के करियर से उन्हें अब मोटिवेशन मिलता है। उन्होंने कहा, ‘काम से और काम मिलना जरूरी है। अगर मेरे हालिया दो शोज से कुछ नहीं मिलता तो कोई फायदा नहीं। क्या काम से अच्छा काम मिलता है? कभी-कभी तो समझ ही नहीं आता… फिर अक्षय खन्ना का करियर देखती हूं तो सोचती हूं कि हमें भी 6 साल घर बैठ जाना चाहिए। यही उम्मीद है कि काम से और काम मिलता रहेगा।’













