हिंदुस्तान में मुसलमान सबसे ज्यादा पिछड़ा
कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा कि हिंदुस्तान के अंदर मुसलमान सबसे ज्यादा पिछड़ा और सबसे ज्यादा बेरोजगार है। सबसे ज्यादा जरूरत है कि उसको आगे लाया जाए, लेकिन भारतीय जनता पार्टी अपने समुदाय, अपने वोटर को खुश करने के लिए इस तरीके के कदम उठाती है। उनके पास देश के लिए कोई प्रोग्राम नहीं है सिवाय मुसलमानों पर जुल्म करने के।
भारत में कितने घुसपैठिए, भागवत बताएंः राशिद अल्वी
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर राशिद अल्वी ने कहा, ‘मैं मोहन भागवत से पूछना चाहता हूं, क्या आपने ये पॉइंट आउट कर लिया है कि जो घुसपैठिए हैं, वो कितनी तादाद में हैं और कौन लोग हैं। अभी तक तो आप ये भी नहीं पता कर पाए। जहां तक तीन बच्चे पैदा करने का ताल्लुक है, मैं बड़े अदब से कहूंगा, किसी दूसरे को एडवाइस तब ही दी जाती है जब वो काम पहले खुद कर लिया जाए।’
संघ प्रमुख के लिए दी नसीहत
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘दुनिया के अंदर जितने बड़े लोग हुए हैं, जब वो खुद कर लेते हैं तब दूसरों को एडवाइस देते हैं कि आपको भी ऐसा करना चाहिए। जो खुद नहीं कर पाते, उन्हें क्या पता इसका क्या फायदा और क्या नुकसान है। आरएसएस तीन बच्चों की बात करती है और कुछ मुसलमान तो आठ-आठ, दस बच्चों की बात करते हैं। क्या इसका कोई मुकाबला भारत के अंदर होना है। मोहन भागवत पहले आरएसएस के तमाम लोगों से कहें कि वो तीन-तीन बच्चे पैदा करें।’
मुसलमान आरएसएस का मुखिया हो सकता है?
राशिद अल्वी ने पूछा कि संघ प्रमुख खुद कहते हैं कि आरएसएस का मुखिया सिर्फ हिंदू हो सकता है। तो अगर सारे मुसलमान हिंदू हैं, तो क्या मुसलमान आरएसएस का मुखिया हो सकता है?
सबकुछ आरएसएस का एजेंडाः कांग्रेस नेता
कांग्रेस नेता ने कहा कि मोहन भागवत को एक बयान दे देना चाहिए कि भाजपा सरकार जो भी कदम उठाती है, मैं आंखें बंद करके उसे सपोर्ट करता हूं। भाजपा की सरकार जो कदम उठाएगी, मोहन भागवत निश्चित तौर पर उसकी हिमायत करेंगे। देश के अंदर धार्मिक लड़ाई, हिंदू-मुसलमान, जातिवाद, यह सबकुछ आरएसएस का एजेंडा है।
तेलंगाना सरकार द्वारा रमजान के महीने में मुस्लिम सरकारी कर्मचारियों को खास छूट दिए जाने पर कांग्रेस नेता ने कहा कि मैं तेलंगाना सरकार को न सिर्फ मुबारकबाद देता हूं, बल्कि उनका शुक्रिया अदा करता हूं कि उन्होंने एक समुदाय के जज्बात का ख्याल किया है। उन्होंने कहा कि रमजान का पाक महीना है और तमाम सरकारों को चाहिए कि इसके अंदर मुसलमानों को कुछ न कुछ रियायतें देनी चाहिए।













