अडानी ग्रीन के शेयर 13% गिरकर 785 रुपये प्रति शेयर पर आ गए। वहीं ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर 9% से अधिक लुढ़ककर 1886.80 रुपये प्रति शेयर पर पहुंच गए। यह इसका 52 हफ्ते का न्यूनतम स्तर है। अडानी पोर्ट्स के शेयर भी करीब 8% गिरकर 1295.40 रुपये पर आ गए जबकि अडानी एनर्जी के शेयर 11% फिसलकर 822.15 रुपये पर आ गए। अडानी ग्रुप के अन्य सभी शेयरों अंबुजा सीमेंट, ACC और अडानी टोटल गैस में भी गिरावट रही।
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क्या है मामला?
SEC ने अदालत को बताया कि भारत ने पहले दो बार आधिकारिक तरीकों से समन भेजने के अनुरोध को ठुकरा दिया था। यह मामला अमेरिका में भारत के किसी औद्योगिक ग्रुप से जुड़ा सबसे बड़ा कानूनी मामला है। अमेरिकी रेगुलेटर पिछले साल से ही अडानी ग्रुप के फाउंडर गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी को समन भेजने की कोशिश कर रहा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक SEC का कहना है कि उसे मौजूदा तरीकों से समन भेजने में सफलता मिलने की उम्मीद नहीं है। इसलिए उसने अदालत से सीधे ईमेल के जरिए समन भेजने की मंजूरी मांगी है।
हालांकि अडानी ग्रुप ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। ग्रुप ने इन्हें बेबुनियाद बताया है और कहा है कि वे अपना बचाव करने के लिए हर कानूनी रास्ते का इस्तेमाल करेंगे। ग्रुप ने इस नई SEC फाइलिंग पर तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की। कानून मंत्रालय ने भी इस पर कोई जवाब नहीं दिया है। मंत्रालय ने पहले इस मामले को निजी संस्थाओं और अमेरिका के बीच का कानूनी मामला बताया था।
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क्या हैं आरोप?
नवंबर 2024 में सामने आए आरोपों के मुताबिक अडानी ग्रुप के अधिकारियों ने बिजली खरीद समझौतों को हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को रिश्वत दी थी। SEC की शिकायत में यह भी कहा गया है कि अधिकारियों ने अमेरिकी निवेशकों को कंपनी की भ्रष्टाचार-विरोधी प्रथाओं के बारे में गलत जानकारी देकर गुमराह किया।













