सूत्रों के मुताबिक एसबीआई एमएफ ने 2500 करोड़ रुपये का निवेश किया, आईसीआईसीआई बैंक ने 1100 करोड़ रुपये और एक्सिस बैंक ने 1000 करोड़ रुपये का निवेश किया। वहीं, कोटक एमएफ और आईसीआईसीआई एमएफ ने लगभग 500 से 600 करोड़ रुपये प्रत्येक का योगदान दिया। इस नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल मौजूदा कर्ज को चुकाने और सामान्य कॉर्पोरेट कामों के लिए किया जाएगा।
अडानी ग्रुप को ₹1.1 लाख करोड़ का झटका, 13% तक गिरे शेयर, जान लीजिए वजह
शेयरों में आई गिरावट
शुक्रवार को अडानी ग्रुप के शेयरों में भारी गिरावट आई। अमेरिकी बाजार नियामक द्वारा संस्थापक गौतम अडानी और ग्रुप एग्जीक्यूटिव सागर अडानी को कथित धोखाधड़ी और 265 मिलियन डॉलर की रिश्वतखोरी योजना के संबंध में व्यक्तिगत रूप से ईमेल समन भेजने की अनुमति मांगने के बाद अडानी ग्रुप की कंपनियों का मार्केट कैप 1.4 लाख करोड़ रुपये कम हो गया। इस वजह से अडानी पावर के शेयर 5.5% गिर गए, जबकि अडानी ग्रीन एनर्जी को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ और उसके शेयर का मूल्य लगभग 15% घट गया।
क्या है कंपनी का प्लान?
अडानी पावर ग्रुप की थर्मल पावर कंपनी है। यह वर्तमान में 18 गीगावाट (GW) क्षमता का संचालन करती है और वित्त वर्ष 2032 तक इसे 42 GW तक बढ़ाने की योजना बना रही है। निवेशकों ने इसके एकीकृत बिजनेस मॉडल, विस्तार की योजनाओं और अपेक्षाकृत मजबूत बैलेंस शीट को मांग के मुख्य कारणों के रूप में बताया। कंपनी का नेट डेट-टू-EBITDA (कर्ज और कमाई का अनुपात) लगभग 1.6 गुना है, जबकि इसके प्रतिस्पर्धियों जैसे एनटीपीसी, जेएसडब्ल्यू एनर्जी और टाटा पावर का यह अनुपात 4-5 गुना है।
विश्लेषकों का अनुमान है कि अडानी पावर का ऑपरेटिंग प्रॉफिट अगले पांच वर्षों में तीन गुना से अधिक हो जाएगा। वित्त वर्ष 2030 तक EBITDA के वर्तमान लगभग 21,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 75,000 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है। यह वृद्धि क्षमता विस्तार और परिचालन दक्षता में सुधार से संभव होगी।
ग्रुप ने कितनी जुटाई रकम?
अडानी पावर का यह बॉन्ड जारी करना पिछले एक साल में अडानी ग्रुप की अन्य कंपनियों द्वारा किए गए कई कर्ज बाजार के लेन-देन का हिस्सा है। अडानी ग्रुप की कई कंपनियों ने बाजार की बेहतर होती स्थितियों और संस्थागत निवेशकों की लगातार मांग का फायदा उठाते हुए बॉन्ड जारी करके फंड जुटाया है। पिछले 15 महीनों में अडानी ग्रुप ने पांच कंपनियों के माध्यम से लगभग 14,000-15,000 करोड़ रुपये जुटाए हैं।













