बेहद रोमांचक रहा मुकाबला
अफगानिस्तान की टीम की पूरी जान फूंकने के बाद भी हार का सामना किया। साउथ अफ्रीका के 188 रन के टारगेट का पीछा अफगानिस्तान ने बहुत ही निडरता से किया, जिसमें रहमनुल्लाह गुरबाज की 84 रनों की पारी ने जान फूंक दी। मैच के आखिरी ओवर में भारी ड्रामा देखने को मिला और अंतिम गेंद पर फजलहक फारूकी के रन आउट होने के कारण स्कोर बराबर हो गया, जिससे मैच सुपर ओवर में चला गया।
पहला सुपर ओवर बेहद संतुलित रहा। अफगानिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 17 रन बनाए, जिसमें अजमतउल्लाह ओमरजाई के बड़े हिट शामिल थे। लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम को आखिरी तीन गेंदों पर 11 रनों की दरकार थी, लेकिन ट्रिस्टन स्टब्स ने दबाव में संयम बनाए रखा और अंतिम गेंद पर छक्का जड़कर इस सुपर ओवर को भी टाई पर समाप्त कर दिया।
दूसरे सुपर ओवर में हुआ बवाल
दक्षिण अफ्रीका ने पहले खेलते हुए डेविड मिलर के दो गगनचुंबी छक्कों की बदौलत 23 रनों का विशाल स्कोर बनाया। 24 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए अफगानिस्तान के लिए गुरबाज ने लगातार तीन छक्के लगाकर जीत की उम्मीदें जगा दी थीं, लेकिन आखिरी गेंद पर केशव महाराज की चालाकी काम कर गई और गुरबाज बाउंड्री पर कैच आउट हो गए। इस तरह दक्षिण अफ्रीका ने चार रनों से यह ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
कौन बन गया विलेन?
इस मैच को अफगानिस्तान की टीम आसानी से जीत सकती थी, लेकिन दूसरे सुपर ओवर में उनसे बल्लेबाजी चुनने में बड़ी गलती हो गई। इस ओवर में बल्लेबाजी की शुरुआत मोहम्मद नबी करने आए। नबी ने 24 रनों का पीछा करते हुए महाराज के ओवर की पहली गेंद डॉट खेली। वहीं दूसरी गेंद पर वो आउट होकर चल दिए। इससे पहली दो गेंदों पर कोई रन नहीं आया और अफगानिस्तान को आखिरी 4 गेंदों पर 4 छक्कों की जरूरत पड़ी। वहीं पूरी ताकत लगाने के बाद भी गुरबाज चूक गए।













