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  • अफ्रीका के आकाश में गरजने लगा रूस का घातक Su-57E स्‍टील्‍थ फाइटर जेट, भारत भी लगाएगा दांव? बड़ा डर

    अल्‍जीयर्स: यूक्रेन के साथ युद्ध के बीच रूस ने एक बार फिर से दुनिया को हैरान किया है। रूस ने अपने नए नवेले स्‍टील्‍थ फाइटर जेट सुखोई-57 की आपूर्ति अफ्रीकी देश अल्‍जीरिया को कर दी है। मुस्लिम देश अल्‍जीरिया दुनिया का पहला देश है जिसे रूस ने अपना यह हवाई योद्धा दिया है। अल्‍जीरिया के


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    By Azad Hind Desk फरवरी 9, 2026
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    अल्‍जीयर्स: यूक्रेन के साथ युद्ध के बीच रूस ने एक बार फिर से दुनिया को हैरान किया है। रूस ने अपने नए नवेले स्‍टील्‍थ फाइटर जेट सुखोई-57 की आपूर्ति अफ्रीकी देश अल्‍जीरिया को कर दी है। मुस्लिम देश अल्‍जीरिया दुनिया का पहला देश है जिसे रूस ने अपना यह हवाई योद्धा दिया है। अल्‍जीरिया के आकाश में सुखोई-57 फाइटर जेट की उड़ान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो को देखकर साफ नजर आ रहा है कि यह अफ्रीका के किसी देश जो अल्‍जीरिया हो सकता है, का है। एक्‍सपर्ट का मानना है कि यह रूसी सुखोई-57 फाइटर जेट है। रूस और अल्‍जीरिया के बीच सुखोई-57 जेट को लेकर साल 2019 में बातचीत शुरू हुई थी। रूस ने इसे भारत को भी तकनीकी ट्रांसफर के साथ ऑफर किया है लेकिन अभी इसमें बड़ा पेच फंसा हुआ है।

    मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अल्‍जीरिया और रूस के बीच 14 सुखोई-57 फाइटर जेट को लेकर 2 अरब डॉलर का समझौता हुआ है। इस डील के बाद भी रूस उत्‍पादन में तकनीकी दिक्‍कतों की वजह से अल्‍जीरिया को उसकी आपूर्ति नहीं कर पा रहा था। यूक्रेन युद्ध की वजह से रूस इस समय पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों से जूझ रहा है। साल 2024 तक रूस ने यह नहीं बताया था कि उसका पहला ग्राहक कौन सा देश है। इस दौरान अल्‍जीरिया की सेना अपने देश में एयरबेस बना रही थी। इसके अलावा मजबूत शेल्‍टर बनाए गए हैं ताकि दुश्‍मन के हवाई हमले पर उसे बचाया जा सके।

    रूस ने अल्‍जीरिया को सौंपा सुखोई-57

    अल्‍जीरिया के पायलटों को भी बहुत सीक्रेट तरीके से ट्रेनिंग दी गई है। साल 2025 के शुरुआत में सुखोई 57 फाइटर जेट बनाने वाली रूसी कंपनी UAC के सीईओ वादिम बादेखा ने जोर देकर कहा था कि उसने एक अनाम विदेशी ग्राहक को 2 सुखोई-57 फाइटर जेट की आपूर्ति की है। माना जा रहा है कि यह देश अल्‍जीरिया था। अब इसी प्‍लेन को अल्‍जीरिया के पायलट उड़ा रहे हैं। अल्‍जीरिया ने रूस को सुखोई-34 फाइटर जेट का भी ऑर्डर दिया है। इस बीच रूसी मीडिया स्‍पुतनिक की रिपोर्ट के मुताबिक रूसी वायुसेना को ज्‍यादा ताकतवर सुखोई-57 का पहला बेड़ा सौंप दिया गया है।

    रूसी कंपनी रोस्‍टेक के सीईओ सर्गेई चेमेजोव ने कहा, ‘हम न केवल बड़े पैमाने पर सुखोई-57 फाइटर जेट बना रहे हैं, बल्कि अपने कस्‍टमर की जरूरत और असली युद्ध से मिल रहे अनुभवों के हिसाब से उसे व‍िकसित भी कर रहे हैं। सुखोई-57 एक बेजोड़ फाइटर जेट है जिसने युद्ध के मोर्चे पर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है। हमने इस फाइटर जेट के ज्‍यादा शक्तिशाली और खतरनाक फाइटर जेट को सौंपा है।’ अल्‍जीरिया ने रूस से सुखोई-57 जेट ले तो लिया है लेकिन अब उस पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।

    अल्‍जीरिया पर CAATSA बैन लगा सकता है अमेरिका

    अमेरिका की सरकार अल्‍जीरिया पर CAATSA बैन लगाने की तैयारी कर रही है। अमेरिका के विदेश मंत्रालय में म‍िडिल ईस्‍ट मामलों के अधिकारी रॉबर्ट पलाडिनों ने अमेरिकी सीनेट की विदेश मामलों की समिति के सामने कहा कि रूस के साथ हथियार डील बहुत चिंताजनक है और यह अल्‍जीरिया को CAATSA बैन की ओर ले जा सकती है। उन्‍होंने कहा कि इसको लेकर अल्‍जीरिया की सरकार के साथ बातचीत चल रही है।

    भारत और रूस में सुखोई-57 डील पर क्‍या है अपडेट?

    रूस ने भारत को भी सुखोई-57 फाइटर जेट के लिए ऑफर दिया है लेकिन अभी तक नई दिल्‍ली की ओर से इसे हरी झंडी नहीं दी गई है। भारत अगर रूसी फाइटर जेट का ऑर्डर देता है तो अमेरिका इससे भड़क सकता है। अभी अमेरिका ने किसी तरह से रूसी तेल खरीद को लेकर लगाए गए 25 फीसदी टैरिफ को हटाया है। एक्‍सपर्ट का कहना है कि अगर भारत रूस से हथियार डील पर आगे बढ़ता है तो इससे अमेरिका भड़क सकता है। भारत अमेरिका से 31 MQ-9B स्‍काई गार्डियन और सी गार्डियन हथियारबंद ड्रोन, अपाचे हेल‍िकॉप्‍टर खरीद रहा है। इसके अलावा जेवलिन मिसाइल से लेकर कई और हथियारों पर डील हुई है। भारत रूस से हथियार खरीदता है तो ये अमेरिकी हथियार सौदे खटाई में पड़ सकते हैं। तेजस फाइटर जेट का अमेरिकी इंजन भी मिलना मुश्किल हो जाएगा।

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