ज्योतिषीय दृष्टिकोण से देखें तो सूर्यग्रहण के दिन 17 फरवरी मंगलवार को अमावस्या तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र, परिग्रह योग और नाग करण के अशुभ योग में ली गयी बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान की यह शपथ न केवल बांग्लादेश के लिए अशुभ है अपितु वहाँ होने वाली राजनीतिक उथल-पुथल से भारत पर भी गहरा असर हो सकता है।
तारिक रहमान की शपथ ग्रहण कुंडली में पीड़ित चंद्र से होगा जनता को कष्ट
बांग्लादेश की संसद में 49.97% मत हासिल कर तारिक रहमान की मध्यमार्गी राजनीति करने वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने 209 सीट हासिल की तो वही इस्लामिक कट्टरपंथी पार्टियों के समूह जमात-ए-इस्लामी के शफ़ीक़ुर रहमान के गठबंधन ने 31.76% मत पाकर 68 सीटें जीत मजबूत विपक्ष के रूप में देश की संसद में महत्व हासिल किया। शेख हसीना की आवामी लीग को इस बार चुनाव से बाहर कर दिया गया था। जुलाई 2024 के विद्रोह का नेतृत्व करने वाले छात्र नेता नाहिद इस्लाम के नेतृत्व में छात्र संगठनों के गठबंधन को केवल 3.05% मत के साथ 6 सीटें मिली। यदपि तारिक रहमान ने 299 सीटों के लिए हुए चुनावों में दो तिहाई से अधिक सीटें हासिल की हैं किन्तु सूर्यग्रहण के दिन शपथ लेकर वह बड़ी गलती कर गए हैं।
बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान की शपथ ग्रहण कुंडली में चन्द्रमा कुंभ राशि में सूर्य और राहु से पीड़ित होकर वहां की जनता को बड़े कष्ट दे सकता है। शपथ ग्रहण कुंडली में कर्क लग्न उदय हो रहा है और लग्नेश चन्द्रमा का अष्टम भाव में कमजोर स्थिति में होना और उसके दोनों ओर पाप ग्रहों मंगल और शनि का घेरा देश के जनता को सांप्रदायिक तनाव, राजनीतिक हिंसा और प्राकृतिक आपदाओं से बड़े कष्टों का योग अगले दो वर्षों में दिखा रहा है।
पाकिस्तान और चीन से बढ़ेगी बांग्लादेश की नज़दीकी, भारत को होगी यह दिक्कत
तारिक रहमान की शपथ ग्रहण कुंडली में चंद्रमा कुंभ राशि में है जो आज़ाद पाकिस्तान की स्थापना कुंडली (14 अगस्त 1947, मध्य रात्रि, कराची) के स्थित मिथुन राशि के चन्द्रमा से त्रिकोण में होकर अच्छा है। किन्तु आज़ाद भारत की स्थापना कुंडली (15 अगस्त 1947, मध्य रात्रि, दिल्ली) में चंद्रमा कर्क राशि में है जो की बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री की शपथ ग्रहण कुंडली के कुंभ राशि के चन्द्रमा से 6/8 का बुरा संबंध निर्मित कर रहा है तो कई द्विपक्षीय मुद्दों पर दोनों देशों में विवाद बढ़ेंगे। गंगा जल संधि, तीस्ता नदी जल विवाद, और प्रत्यर्पण संधि को लेकर दोनों देशों में विवाद बढ़ सकता है।
बांग्लादेश की स्थापना कुंडली (16 दिसंबर 1971, शाम पांच बजे, ढाका) में वृषभ लग्न उदय हो रहा है। वर्तमान में चल रही चन्द्रमा में राहु की विंशोत्तरी दशा में बांग्लादेश की विदेश नीति में बड़ा बदलाव आएगा और वह चीन से भी व्यापार को तेज़ी से बढ़ाकर इस क्षेत्र का राजनीतिक भूगोल बदल सकता है। विदेश नीति के नवम भाव में बैठे राहु की अंतरदशा में बांग्लादेश में कट्टरपंथी दल तारिक रहमान की सरकार पर पाकिस्तान और चीन से व्यापार बढ़ाने का दबाव डाल सकते हैं जिससे भारत असहज होगा l
शेख हसीना करेंगी बांग्लादेश वापसी की कोशिश
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और आवामी लीग की नेता शेख हसीना (जन्म 28 सितम्बर 1946, सुबह 11 बजे, ढाका) की जन्म कुंडली वृश्चिक लग्न की है। अगस्त 2024 से भारत में शरण लेकर रह रही शेख हसीना की वृश्चिक लग्न की जन्म पत्रिका में शुक्र में शनि की विंशोत्तरी दशा मई 2026 से लेकर जुलाई 2029 तक चलेगी। चतुर्थ (मातृभूमि) भाव के स्वामी शनि की अंतर्दशा में शेख हसीना बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान की पार्टी को समर्थन देकर देश में अपनी और अपने बच्चों की वापसी की भूमिका बनाती हुई दिख सकती हैं।














