ईरान पर हमले से मुल्ला शासन को मिलेगा जीवनदान?
ईरान का मुल्ला शासन इस्लामी क्रांति के बाद सबसे मुश्किल दौर से गुजर रहा है। देश में लगातार इस शासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। हालिया विरोध प्रदर्शनों को ईरान ने काफी सख्ती से कुचला है। ईरानी अर्थव्यवस्था की हालत बहुत खराब है। ईरान मुद्रा सबसे निचले स्तर पर है। राजधानी तेहरान समेत सभी बड़े शहरों में लोग इस्लामी शासन से नाराज हैं। ऐसे में अंग अमेरिका हमला करता है तो ईरान का मुल्ला शासन इसे अपना जनाधार बढ़ाने के लिए इस्तेमाल कर सकता है। इससे ईरान में भविष्य में लोगों का होने वाला विद्रोह खतरे में पड़ सकता है और शासन ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर सकती है।
ज्योग्राफिक फैक्टर्स जो ईरान के पक्ष में हैं
ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य के बहुत पास है, जो दुनिया की तेल सप्लाई के लिए एक जरूरी रास्ता है। दुनिया की लगभग पांचवीं आबादी की तेल की ज़रूरतें होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरती हैं। UAE, सऊदी अरब, कतर, कुवैत और इराक जैसे देश भी तेल और गैस की सप्लाई के लिए काफी हद तक होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भर हैं। ऐसे में अगर युद्ध होता है तो ईरान आसानी से होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर सकता है। ईरान ने पहले भी कई बार होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकी देता रहा है। ईरान इसके लिए क्रूज मिसाइलों, पनडुब्बी के खिलाफ इस्तेमाल होने वाली समुद्री बारूदी सुरंगों, तटीय रक्षा प्रणाली और स्पीड बोट हमलों का इस्तेमाल कर सकता है।
ईरान का मिलिट्री हथियार
ईरान का सबसे बड़ा मिलिट्री हथियार उसकी मिसाइल और ड्रोन क्षमता हैं। ईरान के पास लंबी दूरी के ड्रोन के अलावा बैलिस्टिक और हाइपरसोनिक मिसाइलों का भी एक बड़ा जखीरा है। इजरायल के साथ 12 दिन की लड़ाई के दौरान, ईरान ने 500 से ज्यादा मिसाइलें दागीं, जिनमें से कई इजरायल के एडवांस्ड, मल्टीलेयर्ड एयर डिफेंस सिस्टम को बायपास करके लक्ष्य पर जा गिरी थीं।
अमेरिकी मिलिट्री बेस पर हमले का डर
ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उस पर हमला होता है तो वह मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमला कर सकता है। मध्य पूर्व में अमेरिका के पास 18 सैन्य अड्डे हैं, जिनमें 40000 से ज्यादा सैनिक तैनात हैं। UN वेपन्स इंस्पेक्टर और US मरीन कॉर्प्स इंटेलिजेंस ऑफिसर रहे स्कॉट रिटर ने चेतावनी दी है कि “ईरान के पास जब चाहे इस इलाके का एनर्जी प्रोडक्शन बंद करने की काबिलियत है। ईरान U.S. मिलिट्री बेस को बहुत ज़्यादा नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे सैकड़ों या हजारों अमेरिकी सैनिक मारे जा सकते हैं। और ईरान इजरायल पर बड़े हमले कर सकता है जिससे उसकी जिंदा रहने की काबिलियत कमजोर हो जाएगी और लाखों लोगों के लिए जमीन रहने लायक नहीं रहेगी।”
ईरान की नौसैनिक ताकत
ग्लोबल फायरपावर की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी नौसेना में 109 एसेट्स हैं, जिनमें 25 पनडुब्बियां, 21 पेट्रोल वेसल, 7 फ्रिगेट, 3 कॉर्वेट और 1 माइन वॉरफेयर शिप शामिल हैं। ईरान ने पिछले साल समुद्र में एक हेलीकॉप्टर कैरियर को भी प्रदर्शित किया था, जो समुद्र में ड्रोन के लिए ऑपरेटिंग बेस बन सकता है। ईरान अपनी फॉस्ट अटैक क्राफ्ट की मदद से होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के लिए मुश्किलें पैदा कर सकता है।













