रिपोर्ट में सूत्रों ने कहा कि चीन में बनी CM-302 मिसाइलों की डील पूरी हो चुकी है लेकिन डिलीवरी की तारीख तय नहीं की गई है। बताया गया है कि इस डील के बारे में सार्वजनिक तौर पर जानकारी ना देकर सीक्रेट तरीके से काम हो रहा है। चीन से अगले कुछ दिनों में इन मिसाइलों के ईरान पहुंचने की संभावना जताई गई है।
ईरान को मिलने जा रही चीनी मिसाइल कितनी खतरनाक
CM-302 को चीन की सरकारी कंपनी चाइना एयरोस्पेस साइंस एंड इंडस्ट्री कॉर्पोरेशन (CASIC) बनाती है। CASIC का दावा है कि यह सबसे अच्छी एंटी-शिप मिसाइल है, जो किसी भी एयरक्राफ्ट कैरियर या डिस्ट्रॉयर को डुबो सकती है। इस वेपन सिस्टम को जहाजों, एयरक्राफ्ट या मोबाइल ग्राउंड गाड़ियों पर लगाया जा सकता है।
चीन की इन मिसाइलों से ईरानी सेना अमेरिकी जंगी जहाजों के लिए मुश्किल खड़ी कर सकती है। इन मिसाइलों की रेंज 290 किमी है। ऐसे में ईरान के समुद्री पड़ोस में तैनात अमेरिकी जहाज इसकी जद में आ जाएंगे। इस मिसाइल की एक बड़ी खासियत यह है कि यह समुद्र ही नहीं बल्कि जमीन पर भी टारगेट को मार सकती है।
अमेरिका के लिए खतरना बनेंगी मिसाइल
चीन में बनी CM-302 मिसाइलों को नीचे और तेज रफ्तार से उड़ने के लिए डिजाइन किया गया है। इससे यह आधुनिक जंगी जहाजों के लिए मुश्किल पैदा करती हैं। डिफेंस एक्सपर्ट का कहना है कि इन मिसाइलों के मिलने से ईरान की स्ट्राइक क्षमता काफी ज्यादा बढ़ जाएगी और इलाके में मौजूद अमेरिकी नेवल फोर्स के लिए गंभीर खतरा पैदा होगा।
सूत्रों ने कहा कि इस डील पर दोनों देशों की बातचीत नई नहीं है। डील पर चर्चा दो साल पहले शुरू हुई थी। पिछले साल इजरायल से 12 दिन की लड़ाई के बाद ईरान के सीनियर मिलिट्री और सरकारी अधिकारियों ने चीन जाकर इन मिसाइलों की जल्दी डिलीवरी के लिए कहा। रिपोर्ट कहती है कि ईरान ने हालिया महीनों में रूस और चीन जैसे सहयोगियों के साथ कई अहम मिलिट्री और सिक्योरिटी एग्रीमेंट किए हैं।













