अमेरिका ने क्यूबा को मदद पर क्या कहा
अमेरिकी विदेश विभाग के वरिष्ठ अधिकारी जेरेमी लेविन ने कहा कि क्यूबा को दी जाने वाली मदद में चावल, बीन्स, पास्ता, टूना के डिब्बे और सोलर लैंप शामिल हैं। हालांकि, यह मदद सीधे क्यूबा की सरकार को न देकर कैथोलिक चर्च और कैरिटास द्वारा लोगों तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि क्यूबा में अमेरिकी दूतावास के अधिकारी मौके पर मौजूद रहेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि सरकार मदद न ले, उसे कहीं और न भेजे, या उसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश न करे।
क्यूबा की नाकेबंदी से अमेरिका का इनकार
लेविन ने इस बात से इनकार किया कि वेनेजुएला से तेल शिपमेंट में रुकावट क्यूबा में मानवीय संकट के लिए जिम्मेदार है। अमेरिका ने 3 जनवरी को वेनेजुएला में एक सैन्य ऑपरेशन के दौरान राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया था। उन पर नार्को टेररिज्म का आरोप लगाया गया है और अमेरिका की अदालत में उनके खिलाफ सुनवाई जारी है। अमेरिका के इस हमले में बड़ी संख्या में क्यूबन नागरिकों की भी मौत हुई थी। ये लोग वेनेजुएला में मादुरो सरकार के लिए काम कर रहे थे।
क्यूबा के राष्ट्रपति ने अमेरिका पर क्या आरोप लगाया
इससे पहले क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल ने एक प्रेस-कॉन्फ्रेंस कर अमेरिका पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। डियाज-कैनेल ने कहा कि क्यूबा के खिलाफ एक मनोवैज्ञानिक युद्ध चल रहा है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया धमकी का जिक्र करते हुए कहा कि जो भी देश क्यूबा को तेल बेचता है या देता है, उस पर टैरिफ लगाया जाएगा, इसे उन्होंने एनर्जी नाकाबंदी बताया।
राष्ट्रपति बोले- क्यूबा पर संकट
उन्होंने कहा कि ऐसे कामों से ट्रांसपोर्टेशन, अस्पताल, स्कूल, टूरिज्म और खाने के प्रोडक्शन पर असर पड़ता है। ब्लैकआउट के खतरों के अलावा, क्यूबा के अधिकारियों का कहना है कि अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण मार्च 2024 और फरवरी 2025 के बीच देश को 7.5 बिलियन डॉलर से ज्यादा का नुकसान हुआ। डियाज-कैनेल ने दो घंटे के भाषण में कहा, “मुझे पता है कि हम मुश्किल समय से गुजरने वाले हैं। लेकिन हम मिलकर, क्रिएटिव मजबूती के साथ इन पर काबू पाएंगे।” उन्होंने बताया कि दिसंबर में अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर “नेवल नाकाबंदी” शुरू करने के बाद से क्यूबा को तेल की शिपमेंट नहीं मिली है।













