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  • अमेरिका की साजिश? 68 अपाचे हेलीकॉप्टर पर डोनाल्ड ट्रंप के बयान से खलबली, नाराज पीएम मोदी ने खुद की थी शिकायत

    नई दिल्ली: डोनाल्ड ट्रंप ने जब से दूसरी बार यूएस राष्ट्रपति की कमान संभाली है अपने फैसलों से लगातार चौंका रहे हैं। चाहे वेनेजुएला पर एक्शन हो या फिर भारत पर टैरिफ बढ़ाने का फैसला, ट्रंप अलग ही मूड में दिख रहे हैं। हालांकि, भारत पर टैरिफ बढ़ाए जाने से दोनों देशों के बीच रिश्तों


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    By Azad Hind Desk जनवरी 7, 2026
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    नई दिल्ली: डोनाल्ड ट्रंप ने जब से दूसरी बार यूएस राष्ट्रपति की कमान संभाली है अपने फैसलों से लगातार चौंका रहे हैं। चाहे वेनेजुएला पर एक्शन हो या फिर भारत पर टैरिफ बढ़ाने का फैसला, ट्रंप अलग ही मूड में दिख रहे हैं। हालांकि, भारत पर टैरिफ बढ़ाए जाने से दोनों देशों के बीच रिश्तों पर असर पड़ा है। यही वजह है कि ट्रंप बीच-बीच में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपनी दोस्ती का जिक्र करने से भी बाज नहीं आते। अब एक बार फिर यूएस राष्ट्रपति ने भारत-अमेरिका संबंधों पर खुलकर बात की है। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान रक्षा सौदों में देरी, व्यापारिक मतभेदों और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों का जिक्र किया।

    अपाचे हेलीकॉप्टर में देरी पर घमासान

    डोनाल्ड ट्रंप ने विशेष रूप से अपाचे हेलीकॉप्टर की खरीद में हुई देरी पर चिंता जताई और कहा कि भारत को महत्वपूर्ण रक्षा उपकरण मिलने में कई साल लग गए। उन्होंने इस देरी को बहुत ज्यादा और टाली जा सकने वाली बताया। ट्रंप ने जिस तरह से ये खुलासा किया है, उससे सवाल उठ रहे कि क्या ये भारत को हथियारों मिलने में देरी के पीछे अमेरिकी साजिश थी। यूएस राष्ट्रपति ने यह भी बताया कि व्यापारिक मुद्दों पर, खासकर रूस से तेल खरीदने पर लगे अमेरिकी टैरिफ को लेकर प्रधानमंत्री मोदी उनसे नाखुश थे।

    ट्रंप ने हेलीकॉप्टर की देरी पर तोड़ी चुप्पी

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपाचे हेलीकॉप्टर को लेकर बताया कि भारतीय अधिकारियों ने उन्हें कहा था कि यह इंतजार लगभग पांच साल तक खिंच गया था। उन्हें यह एक महत्वपूर्ण रक्षा साझेदार के लिए अनुचित लगा। ट्रंप का मानना था कि रक्षा खरीद की प्रक्रियाओं में सुधार की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ऐसे में मित्र देशों को जरूरी रक्षा उपकरण के लिए अनिश्चित काल तक इंतजार नहीं करना चाहिए। भारत जैसे देशों को उन चीजों की डिलीवरी में लंबा समय नहीं लगना चाहिए जिनके लिए पहले से ही सौदा हो चुका है और मंजूरी मिल चुकी है।

    ट्रंप ने खुद को बताया सेल्समैन

    ट्रंप ने खुद को एक बड़े सेल्समैन के रूप में पेश किया। उन्होंने कहा कि मैं राजा हूं। मैंने धरती पर किसी भी शख्स से ज्यादा बोइंग बेची है। उन्होंने सिर्फ अपाचे की डिलीवरी में देरी पर ही नहीं, बल्कि F-35 जैसे एडवांस्ड फाइटर जेट्स की खरीद में हो रही देरी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने ये भी जोड़ा कि प्लेन मिलने में तीन, चार साल क्यों लगने चाहिए? उन्हें वे तुरंत मिलने चाहिए। लंबे इंतजार से डिफेंस पार्टनरशिप में भरोसा और कुशलता कम होती है।

    पीएम मोदी और भारत से रिश्तों का जिक्र

    ट्रंप ने याद दिलाया कि भारतीय नेतृत्व के साथ उनकी बातचीत के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने व्यक्तिगत रूप से इन देरी के बारे में चिंता जताई थी। उन्होंने कहा कि उनके मजबूत व्यक्तिगत संबंधों के कारण संवेदनशील मुद्दों पर खुलकर बातचीत हो पाती थी। रक्षा के अलावा, ट्रंप ने टैरिफ और उनके वित्तीय प्रभाव के बारे में भी विस्तार से बात की। उन्होंने बताया कि बाद में अधिकारियों को 39 अरब डॉलर का अतिरिक्त राजस्व मिला, जो पहले हिसाब में नहीं था। उन्होंने इसका श्रेय टैरिफ के उम्मीद से पहले लागू होने को दिया।

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