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  • अमेरिका के आगे मोदी सरकार ने देश और किसानों की ‘बलि’ दे दी, ट्रेड डील पर रणदीप सिंह सुरजेवाला का बड़ा प्रहार

    नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सोमवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि हाल ही में हुए भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते में अमेरिकी हितों के लिए भारतीय किसानों, ऊर्जा सुरक्षा और डिजिटल स्वतंत्रता की बलि दी गई है। ”आत्मनिर्भर भारत” के नारे पर ही सवाल उठाते हुए सुरजेवाला


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    By Azad Hind Desk फरवरी 16, 2026
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    नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सोमवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि हाल ही में हुए भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते में अमेरिकी हितों के लिए भारतीय किसानों, ऊर्जा सुरक्षा और डिजिटल स्वतंत्रता की बलि दी गई है। ”आत्मनिर्भर भारत” के नारे पर ही सवाल उठाते हुए सुरजेवाला ने पूछा कि क्या अमेरिकी समझौते को लेकर चिंताओं के बीच भारत “अमेरिका-निर्भर” बन रहा है।

    देशहित ‘‘गिरवी’’ रख व्यापार समझौता मंजूर नहीं

    रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि देशहित ‘‘गिरवी’’ रख व्यापार समझौता मंजूर नहीं हो सकता है। खेत-खलिहान-किसान की रोजी-रोटी पर हमला मंजूर नही किया जा सकता है। भारत की ऊर्जा सुरक्षा से खिलवाड़ मंजूर नही कर सकते हैं। भारत की संप्रभुता व आत्मनिर्भरता से समझौता मंजूर नहीं किया जा सकता है।

    रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि व्यापार समझौते आर्थिक तरक्की का रास्ता होते हैं। व्यापार समझौतों का आधार ही दो देशों की बराबरी की शर्तों पर परस्पर लोकहित है। व्यापार समझौते देश की संप्रभुता को त्याग कर, गुलामी का रास्ता कभी नहीं हो सकते। व्यापार समझौतों की आड़ में देशहित और लोकहित दोनों की बलि नहीं दी जा सकती। इन्हीं वजहों के चलते हम अंग्रेजों से भी लड़े थे।

    अमेरिका के आगे मोदी सरकार ने देश और किसानों की बलि दे दी

    अमेरिका-भारत व्यापार समझौते में मोदी सरकार ने देश और किसानों की बलि दे दी। भारत की ऊर्जा सुरक्षा से सरेआम खिलवाड़ किया। मोदी सरकार ने भारत की डिजिटल स्वायत्तता व डेटा प्राइवेसी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। भारतीय हितों की रक्षा में मजबूती से खड़े होने के बजाए इस मजबूर सरकार ने भारत की संप्रभुता और आत्मनिर्भरता से समझौता कर लिया।

    खेती, ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार तीन मुद्दों पर देशहित को दांव पर लगाया

    रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि मोदी सरकार ने अमेरिका के साथ ट्रेड डील में भारत के हित को दांव पर लगा दिया है। जिसमें तीन मुद्दे सबसे जरूरी हैं। इनमें, खेती, ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार की शर्त शामिल हैं। 6 फरवरी, 2026 के पहले फ्रेमवर्क एग्रीमेंट में ही सहमति जताई गई है कि भारत बिना किसी आयात शुल्क के अमेरिका के खाद्य व कृषि उत्पादों के लिए हमारा बाजार खोल देगा।

    भारत के बाजार पर इसके नुकसान-

    रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि भारत में 2025-26 के दौरान 4.30 करोड़ मीट्रिक टन मक्के का उत्पादन हुआ। भारत में मक्का कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, तेलंगाना, गुजरात में पैदा होता है। वहीं, अमेरिका 42.50 करोड़ मीट्रिक टन मक्का पैदा करता है, जिसे बेचने के लिए वो भारत जैसा बड़ा बाजार ढूंढ रहा है। अगर अमेरिका से ड्यूटी-फ्री मक्के के लिए भारत के बाजार खोल दिए गए, तो देश के किसानों का क्या होगा?

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