Kpler के आंकड़ों के मुताबिक 2024 में भारतीय कंपनियों ने वेनेजुएला से रोजाना औसतन 70,000 बैरल तेल खरीदा था। जानकारों का कहना है कि वेनेजुएला का तेल भारी होने के कारण सस्ता होता है। यह भारतीय रिफाइनरीज के लिए फायदे का सौदा है क्योंकि वे इस तरह के तेल को प्रोसेस करने में सक्षम हैं। रिलायंस की रिफाइनरियां इस तरह के तेल को प्रोसेस करने में सबसे बेहतर स्थिति में हैं। यही वजह है कि वेनेजुएला के साथ तेल कारोबार बहाल होने की स्थिति में कंपनी को फायदा होगा। यही वजह है कि कंपनी के शेयरों में आज तेजी आई है।
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रिलायंस का फायदा
2022 की शुरुआत में यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद रूस ने डिस्काउंट पर भारत को तेल बेचना शुरू किया था और देखते ही देखते रूस भारत का सबसे बड़ा सप्लायर बन गया था। वेनेजुएला से तेल की सप्लाई बहाल होने से भारत को एक और सोर्स मिल जाएगा। यह रिलायंस की रिफाइनिंग क्षमताओं और कॉस्ट स्ट्रक्चर के मुताबिक है। इस साल रिलायंस के शेयरों में 8 फीसदी गिरावट आई है। लेकिन वेनेजुएला से सस्ते तेल के आयात से कंपनी का रिफाइनिंग मार्जिन काफी बेहतर हो सकता है।













