यह चिंताएं इसलिए भी बढ़ रही हैं क्योंकि यह समझौता सरकार के कार्यकाल के आखिरी दिनों में हो रहा है। बांग्लादेश मीडिया के मुताबिक इस मसौदा समझौते का विवरण अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। बांग्लादेश ने पहले ही अमेरिका के साथ एक NDA पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे प्रस्तावित सौदे के सभी पहलू गोपनीय बने हुए हैं। अगर यह समझौता 9 फरवरी को होता है, तो यह अंतरिम सरकार के कार्यकाल के समाप्त होने से कुछ दिन पहले होगा। इसी समय 13वीं संसदीय चुनाव के लिए मतदान भी होना है।
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क्या भारत के लिए बढ़ेगी टेंशन?
भारत ने हाल ही में अमेरिका के साथ ट्रेड डील की है। बांग्लादेश के साथ अमेरिका की यह डील भारत की डील से एक हफ्ते बाद हो रही है। अमेरिका ने भारत के साथ ट्रेड डील के बाद टैरिफ घटाकर 18 फीसदी कर दिया था।
वहीं अमेरिका ने पिछले साल अप्रैल में बांग्लादेश पर 37 फीसदी टैरिफ लगाया था। तीन महीने बाद यानी जुलाई में इसे घटाकर 35 फीसदी और फिर एक महीने बाद यानी अगस्त में इसे 20 फीसदी कर दिया था। भारत पर 18 फीसदी टैरिफ करने के बाद उम्मीद थी कि बांग्लादेश के कारोबार का काफी हिस्सा भारत में शिफ्ट हो सकता है। लेकिन माना जा रहा है कि 9 फरवरी को होने वाली डील में अमेरिका बांग्लादेश पर लगे टैरिफ हो 20 फीसदी से घटाकर 15 फीसदी कर सकता है। ऐसे में यह भारत के लिए चिंता की बात होगी।
क्या हैं अमेरिका की शर्तें
- अमेरिका ने समझौते में विभिन्न शर्तें शामिल की हैं।
- इनमें बांग्लादेश से चीनी आयात कम करने, अमेरिकी सैन्य उपकरणों की खरीद बढ़ाने और अतिरिक्त निरीक्षण के बिना अमेरिकी मानकों को स्वीकार करने की आवश्यकता शामिल है।
- इस सौदे का उद्देश्य बांग्लादेश को अमेरिकी कृषि निर्यात को बढ़ावा देना और अमेरिकी ऑटोमोबाइल के लिए पहुंच को आसान बनाना भी है।
बांग्लादेश में डील का विरोध
अमेरिका के साथ होने वाली इस डील का बांग्लादेश में ही विरोध हो रहा है। व्यापार जगत के नेता विभिन्न क्षेत्रों पर संभावित नकारात्मक प्रभावों को लेकर चिंतित हैं। वे सवाल उठा रहे हैं कि एक अस्थायी सरकार इतना महत्वपूर्ण निर्णय क्यों ले रही है। BGMEA के वरिष्ठ उपाध्यक्ष इनामुल हक खान ने इस समय-सीमा पर आश्चर्य व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ‘मुझे अभी भी लगता है कि यह चुनाव के बाद होना चाहिए था, क्योंकि इसके बड़े निहितार्थ हैं।’ इसी तरह DCCI के अध्यक्ष तस्कीन अहमद ने कहा कि अंतरिम सरकार इस जल्दबाजी वाले निर्णय से बच सकती थी।














