रूसी अधिकारी ने तेल टैंकर को जब्त किए जाने के वाकये को ‘समुद्री डकैती’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि “यह असल में रूसी क्षेत्र पर हमले जैसा ही है, क्योंकि टैंकर पर हमारा राष्ट्रीय झंडा लगा हुआ था।” एलेक्सी ज़ुरावलेव ने रूस को धमकी देते हुए कहा कि “इसमें कोई शक नहीं कि हमें मजबूती और तेजी से जवाब देना होगा, हमारा मिलिट्री सिद्धांत तो ऐसे हमले के जवाब में न्यूक्लियर हथियारों के इस्तेमाल की भी बात करता है।”
तेल टैंकर को लेकर रूस-अमेरिका में तनाव तेज
आपको बता दें कि अटलांटिक महासागर में करीब दो हफ्ते तक पीछा करने के बाद अमेरिकी सैनिकों ने जंग लगे मेरिनेरा टैंकर पर कब्जा कर लिया है। जिसके बाद क्रेमलिन के अधिकारियों में भारी गुस्सा है। इस तेल टैंकर का जब्त होना रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बहुत बड़ी बेइज्जती मानी जा रही है। वहीं, रूस के सीनियर सांसद आंद्रेई अलेक्जेंड्रोविच क्लिशस ने गुस्से में प्रतिक्रिया देते हुए इस चौंकाने वाला वाकया बताया है। उन्होंने तेल टैंकर पर अमेरिकी कब्जे को “खुलेआम समुद्री डकैती का काम” कहा है। दूसरी तरफ अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा है कि वेनेजुएला के तेल पर नाकाबंदी पूरी तरह से लागू है। उन्होंने रूस से जुड़े तेल टैंकर को जब्त करने को लेकर कहा कि “हमारी सेना ऐसा करना जारी रखने के लिए तैयार है।” उन्होंने आगे कहा: “जब राष्ट्रपति बोलते हैं, तो उनका मतलब वही होता है। वह मजाक नहीं कर रहे हैं।”
अमेरिकी रक्षा मंत्री ने कहा कि “हम अपने हितों को आगे बढ़ाने के लिए कार्रवाई करने वाली सरकार हैं और ये पूरी तरह से दिख रहा है।” आपको बता दें कि वेनेजुएला से निकले इस तेल टैंकर की रक्षा के लिए रूस ने अपनी पनडुब्बी को भी भेज दिया था, बावजूद इसके अमेरिकी नौसेना ने तेल टैंकर पर कब्जा कर लिया है। जिसपर रूस के ट्रांसपोर्ट मंत्री ने भी बयान जारी करतके हुए अमेरिका की कार्रवाई को समुद्री कानून का खुला उल्लंघन करार दिया है। उन्होंने कहा है कि अमेरिकी नौसेना के चढ़ने के बाद जहाज से संपर्क टूट गया है।














