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  • अमेरिका में खाने के लाले! दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी के साथ 75 साल में पहली बार हुआ ऐसा

    नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि दुनिया भर के देशों पर लगाए गए टैरिफ से अमेरिकी की तिजोरी भरने लगी है और उसका ट्रेड डेफिसिट 78% घट गया है। उनका कहना है कि इस साल उनका देश ट्रेड सरप्लस की स्थिति में आ जाएगा। लेकिन इस बीच अमेरिका में एक


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    By Azad Hind Desk फरवरी 19, 2026
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    नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि दुनिया भर के देशों पर लगाए गए टैरिफ से अमेरिकी की तिजोरी भरने लगी है और उसका ट्रेड डेफिसिट 78% घट गया है। उनका कहना है कि इस साल उनका देश ट्रेड सरप्लस की स्थिति में आ जाएगा। लेकिन इस बीच अमेरिका में एक बड़ा संकट पैदा हो गया है। डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर यानी यूएसडीए के मुताबिक देश में मवेशियों और बछड़ों की संख्या 8.5 करोड़ रह गई है जो 1951 के बाद सबसे कम है।

    विभाग के मुताबिक साल 1975 में अमेरिका में मवेशियों और बछड़ों की इनवेंट्री पीक पर 13 करोड़ थी। उसके मुकाबले अब यह 4.5 करोड़ कम रह गई है। 2020 की तुलना में इस संख्या में 1 करोड़ की गिरावट आई है। देश में बीफ और बछड़ों की मीट की कीमत पिछले साल जनवरी के मुकाबले 15 फीसदी बढ़ गई है। यह फूड बास्केट में आई सबसे बड़ी तेजी में से एक है। इस दौरान चिकन की कीमत में महज 1.1 फीसदी तेजी आई है जबकि दूध की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

    दिखने लगे हैं अमेरिका से ट्रेड डील के साइड इफेक्ट, टैरिफ में छूट की भारी कीमत वसूल रहे ट्रंप!

    फिलहाल नहीं मिलेगी राहत

    माना जा रहा है कि अगर डेयरी किसान मवेशियों की संख्या बढ़ाना शुरू करते हैं तो नई खेप 2028 से पहले ग्रॉसरी शेल्फ तक नहीं पहुंच पाएगी। इस संकट के कारण देश में बीफ की कीमत में अभूतपूर्व तेजी आ रही है। अमेरिका में प्रति व्यक्ति बीफ की खपत करीब 58.1 पौंड है। हालांकि पिछले कुछ दशकों में देश में प्रति व्यक्ति बीफ की खपत में गिरावट आई है। 1970 के दशक में यह 80 पौंड प्रति व्यक्ति से अधिक थी। इसके बावजूद अमेरिका दुनिया में बीफ के सबसे बड़े उपभोक्ताओं में शामिल है।

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