इसकी वजह यह है कि अमेरिका में हेल्थकेयर का खर्च बढ़ता जा रहा है। साथ ही देश में उम्रदराज लोगों की संख्या भी बढ़ रही है और लोग ज्यादा उम्र तक जी रहे हैं। देश में लाइफ एक्सपेंक्टेंसी 80 साल के करीब पहुंच चुकी है। इसका मतलब है कि रिटायरमेंट के बाद लोग अब ज्यादा बेनिफिट ले रहे हैं। इंटरेस्ट पेमेंट्स और बुजुर्गों के लिए चलाए जा रहे सोशल सिक्योरिटी प्रोग्राम की बजट डेफिसिट में सबसे ज्यादा भूमिका है। माना जा रहा है कि यही हाल रहा और सुधार नहीं किए गए तो साल 2032 तक अमेरिका में बुजुर्गों को सोशल सिक्योरिटी का पूरा पैसा मिलना बंद हो सकता है।
भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड एग्रीमेंट पर होने बैठक टली, US सुप्रीम कोर्ट के फैसले से क्या बदल गए हालात?
बजट घाटा
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को सुप्रीम कोर्ट ने अवैध करार दिया है। इससे अमेरिका में कर्ज की स्थिति और बदतर हो सकती है। ट्रंप ने कई देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया था। इससे अब सरकार की कमाई बढ़ने लगी थी। जनवरी में बजट घाटा पिछले साल के मुकाबले 26% गिरकर 95 अरब डॉलर रहा। फाइनेंशियल ईयर 2026 के पहले चार महीनों में सरकार का बजट घाटा पिछले साल के मुकाबले 17% घटकर 697 अरब डॉलर रह गया था।














