ट्रंप ने यह भी कहा कि पीएम मोदी बहुत अच्छे आदमी हैं। वह जानते हैं कि मैं खुश नहीं हूं और यह जरूरी है कि मुझे खुश किया जाए। अगर भारत रूस से ट्रेड करता है तो बहुत तेजी से अपना टैरिफ बढ़ा सकते हैं। ट्रंप ने यह भी धमकी ऐसे समय पर दी है जब अमेरिका ने भारत और रूस के बीच तेल व्यापार पर अपनी कड़ी नजर गड़ा दी है। भारत लगातार यह कह रहा है कि वह अपनी घरेलू जरूरत को पूरा करने के लिए रूस से तेल खरीद रहा है। अभी कुछ सप्ताह पहले ही पीएम मोदी और ट्रंप की बातचीत हुई है। इसमें दोनों नेताओं ने व्यापार को बढ़ाए रखने पर जोर दिया था।
अमेरिका से जमकर तेल खरीद रहा भारत
अमेरिका ने रूस से तेल लेने की वजह से भारत पर 25 फीसदी का टैरिफ लगा रखा है। भारतीय राजदूत ने हाल ही में अमेरिकी नेताओं से मुलाकात की थी और इसे हटाने के लिए कहा था। भारत और अमेरिका में कई दौर की बातचीत के बाद भी ट्रेड डील नहीं हो पाई है। हालांकि इसके बाद भी भारत अमेरिका से अपने तेल आयात को जमकर बढ़ा रहा है। द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक इसकी वजह से अमेरिका के तेल निर्यात में अब भारत की हिस्सेदारी 12.6 फीसदी हो गई है। यह पहले 4 से 5 प्रतिशत ही थी। भारतीय व्यापार एक्सपर्ट अजय श्रीवास्तव का कहना है कि अगर अमेरिका वाकई दोनों देशों के बीच भागीदारी को लेकर गंभीर है तो उसे रूस को लेकर लगाए गए 25 फीसदी के टैरिफ को पहले हटाना चाहिए।’
इस बीच ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक भारत का अमेरिका से तेल का आयात दिसंबर महीने में 11 लाख प्रति बैरल हो सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका के प्रतिबंधों की वजह से भारत अपना रूस से तेल का आयात कम करने जा रहा है। भारत का यह आयात अब साल 2022 के आयात के बराबर पहुंच सकता है जो काफी कम है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दिसंबर में भले ही तेल का आयात कम होने जा रहा है लेकिन जनवरी में एक बार फिर से तेल का आयात बढ़ सकता है। एक्सपर्ट का कहना है कि अमेरिका की कोशिश है कि वह भारत को कमजोर दिखाए और ट्रंप की स्थिति को मजबूत दिखाए। हालांकि हकीकत में भारत अमेरिकी धमकी आगे झुक नहीं रहा है। उनका कहना है कि भारत अपने ऊर्जा हित को सर्वोच्च स्थान दे रहा है।














