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  • अमेरिकी राहत से टेक्सटाइल, मोटर पार्ट्स और दवा सेक्टर में बहार, दिल्ली को कितना होगा फायदा?

    नई दिल्ली: अमेरिका की ओर से टैरिफ में राहत दिए जाने के बाद भारतीय एक्सपोर्टरों के लिए हालात बदलते नजर आ रहे है। टेक्सटाइल, दवा, मोटर पार्ट्स,क्रिस्टल समेत कई क्षेत्रों के कारोबार को अमेरिकी बाजार में नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से ऊंचे टैरिफ के दबाव में जूझ रहे उद्योगों ने इस


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    By Azad Hind Desk फरवरी 4, 2026
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    नई दिल्ली: अमेरिका की ओर से टैरिफ में राहत दिए जाने के बाद भारतीय एक्सपोर्टरों के लिए हालात बदलते नजर आ रहे है। टेक्सटाइल, दवा, मोटर पार्ट्स,
    क्रिस्टल समेत कई क्षेत्रों के कारोबार को अमेरिकी बाजार में नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से ऊंचे टैरिफ के दबाव में जूझ रहे उद्योगों ने इस फैसले
    से राहत की सांस ली है। कारोबारियों के मुताबिक, पहले कुछ उत्पादों पर 50% तक टैरिफ लगने से भारतीय सामान अमेरिका में महंगा हो गया था। नतीजतन
    कई कंपनियों के ऑर्डर रुक गए, कुछ फैक्ट्रियां बंद होने की कगार पर पहुंच गईं और हजारों लोगों की नौकरियां चली गई। अब टैरिफ में मिली छूट से इंडियन
    प्रोडक्ट की डिमांड बढ़ेगी और रोजगार के नए मौके खुल सकेंगे।

    हैंडलूम हैडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स वेलफेयर असोसिएशन के नैशनल प्रेजिडेंट सीपी शर्मा बताते हैं कि छह महीने से कारोबार लगातार संकट में था। कई कंपनियों
    ने इंडिया से माल खरीदना कम कर दिया। इससे कई कारोबार चौपट हो गए। कपड़ों की डिमांड घटने से नौकरियां भी गई। अब बड़ी राहत मिली है। शर्मा ने बताया कि पिछले सप्ताह भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट केवल व्यापारिक समझौता नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक संदेश था कि भारत किसी एक देश पर निर्भर नहीं। यूरोप भारत से बिना ड्यूटी के माल खरीदने को तैयार है। हमारी संस्था हैडलूम हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में कहा था कि यह समझौता अमेरिका पर मजबूत डिप्लोमैटिक प्रेशर बनाएगा और अब वही सच साबित हुआ है।

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    दवाओं की सप्लाई फिर तेजी से बढ़ेगी

    इंडिया से अमेरिका जाने वाली बीपी, कैंसर, अस्थमा, एंटीबायोटिक और इंजेक्शन जैसी दवाओं के कारोबार को भी नई रफ्तार मिलने वाली है। दवाओं के
    मैन्युफैक्चरर और एक्सपोर्टर लक्ष्य खन्ना बताते हैं कि टैरिफ बढ़ने से दवाओं की डिमांड करीब तीन महीने तक लगभग ठप रही। कारोबारियों को करोड़ों का नुकसान हुआ। कहीं माल रास्ते में अटक गया तो कहीं ऑर्डर ही रुक गए। अब टैरिफ घटने से एक्सपोर्टर्स को राहत मिली है। इंडियन दवाएं किफायती होने के साथ असरदार भी हैं, इसलिए सप्लाई फिर तेजी से बढ़ेगी। अमेरिका में क्रिस्टल एक्सपोर्ट करने वाली मीनाक्षी इंद्र राठौर ने बताया कि छह महीने से कारोबार ठप था, लेकिन अब डिमांड बढ़ने की उम्मीद है। वहां क्रिस्टल से बनी जूलरी की मांग ज्यादा रहती है, जिससे कारोबारियों को फायदा मिलेगा।

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    मोटर पार्ट्स और क्रिस्टल की रफ्तार अब होगी तेज

    कश्मीरी गेट ऑटो पार्ट्स कारोबारी विनय नारंग बताते हैं कि अमेरिका में बाइक समेत कई गाड़ियों के पुर्जे बड़ी मात्रा में भेजे जाते हैं। टैरिफ बढ़ने से कश्मीरी
    गेट मार्केट का करीब 15 पर्सेंट कारोबार घटा था। टैरिफ घटने से कारोबार रफ्तार पकड़ेगा।

    ₹1000 करोड़ का कारोबार

    अमेरिका ने भारतीय सामानों पर 50% टैरिफ घटाकर 18% करने गिरावट के साथ उथल-पुथल मची हुई का फैसला किया है। जिसकी वजह से दिल्ली के बाजारों में खुशी की लहर है। कारोबारियों का दावा है कि इससे शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी इससे टेक्सटाइल, चमड़ा, दवा और फार्मा, केमिकल, जेम्स एंड जूलरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल समेत कई सेक्टर को रफ्तार मिलेगी। उम्मीद है कि इस फैसले से दिल्ली में करीब 1,000 करोड़ रुपये का कारोबार होगा।

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