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  • अमेरिकी हमले का डर नहीं, ईरानी जनता के सामने आए अली खामेनेई, इस्लामिक क्रांति के जश्न का ऐलान

    तेहरान: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई अपने देश के लोगों के सामने आए हैं। शनिवार को वह अपने गुरु पूर्व ईरानी सुप्रीम लीडर रुहोल्लाह खुमैनी के मकबरे पर पहुंचे। उन्होंने अपने पूर्व नेता की कब्र पर फातिहा पढ़ी और ईरान की इस्लामिक क्रांति की 47वीं वर्षगांठ के जश्न का ऐलान किया। खामेनेई का


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    By Azad Hind Desk जनवरी 31, 2026
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    तेहरान: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई अपने देश के लोगों के सामने आए हैं। शनिवार को वह अपने गुरु पूर्व ईरानी सुप्रीम लीडर रुहोल्लाह खुमैनी के मकबरे पर पहुंचे। उन्होंने अपने पूर्व नेता की कब्र पर फातिहा पढ़ी और ईरान की इस्लामिक क्रांति की 47वीं वर्षगांठ के जश्न का ऐलान किया। खामेनेई का सार्वजनिक रूप से दिखना इसलिए अहम है क्योंकि ईरान पर इस समय अमेरिका के हमले का खतरा मंडरा रहा है। अमेरिकी जंगी जहाजों के ईरान के पास पहुंचने के बाद खामेनेई के देश छोड़ने की अफवाहें भी हाल के दिनों में देखी गई थीं।

    अली खामेनेई ने शनिवार को अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट किया है। इस पोस्ट में वह खुमैनी कब्र के पास खड़े होकर दुआ करते दिख रहे हैं। इस तस्वीर को शेयर करते हुए उनके अकाउंट से लिखा गया है, ‘आज हम इमाम खुमैनी के पवित्र मकबरे पर अयातुल्ला खामेनेई की हाजिरी के साथ ही 1979 की इस्लामिक क्रांति की जीत की सैंतालीसवीं वर्षगांठ के जश्न की शुरुआत कर रहे हैं।’

    ईरान की उथल-पुथल

    ईरान में बीते एक महीने से भारी उथल-पुथल देखी जा रही है। ईरान में इस महीने की शुरुआत में भारी विरोध प्रदर्शन देखे गए। इन प्रदर्शनों को किसी तरह खामेनेई शासन ने दबाने में कामयाबी पाई लेकिन चीजें पटरी पर नहीं आ सकी हैं। अब देश को अमेरिका के सैन्य हमले का डर सता रहा है, जो खामेनेई को सरकार से हटाने के लिए किया जा सकता है।

    अमेरिका के दर्जनों C-17 और C-5 मिलिट्री जहाज ईरान के आसपास अपने सैन्य ठिकानों पर हथियार उतार रहे हैं। अमेरिका के जंगी जहाज भी ईरान के पास समुंद्र में डेरा डाल रहे हैं। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार धमकीभरे बयान दे रहे हैं, उनके बयानों से लगता है कि कभी भी ईरान पर हमला हो सकता है।

    ईरान का विरोध प्रदर्शन

    ईरान में विरेध प्रदर्शन बीते साल 28 दिसंबर को मंहगाई और करेंसी में गिरावट के मुद्दे पर शुरू हुए थे। हालांकि ये जल्दी ही खामेनेई शासन विरोधी प्रदर्शन बन गए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रदर्शनकारियों को समर्थन ने चीजों को और ज्यादा मुश्किल बना दिया। इससे दोनों देशों में तनाव चरम पर पहुंच गया।

    ईरान के सरकारी टेलीविजन ने प्रदर्शनों मेंईरान के शहीद फाउंडेशन ने कहा कि प्रदर्शनों में मारे गए 2,427 लोगों में नागरिक और सुरक्षा बल के जवान शामिल थे। अमेरिका स्थित मानवाधिकार कार्यकर्ता समाचार एजेंसी ( एचआरएएनए) ने कहा है कि प्रदर्शनों के दौरान 4,519 लोग मारे गए, जिनमें 4,251 प्रदर्शनकारी और 197 सुरक्षाकर्मी थे।

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