लॉकहीड मार्टिन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सालाना F-35 का प्रोडक्शन दूसरे सहयोगी फाइटर एयरक्राफ्ट की तुलना में पांच गुना ज्यादा तेज हो रहा है। लॉकहीड मार्टिन अपनी प्रतिद्वंद्वी कंपनी से कितना ज्यादा आगे निकल गई है, यह आंकड़ों से साफ है। फ्रांस की डसॉल्ट ने 2025 में 26 राफेल फाइटर जेट डिलीवर किए, यह उसके 25 के टारगेट से एक ज्यादा है। इन 26 राफेल में से 15 निर्यात और 11 फ्रेंच आर्म्ड फोर्सेज के लिए थे।
रूसी कंपनी भी पिछड़ीं
रूस की यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन (UAC) ने 2025 में Su-35 एयर सुपीरियरिटी फाइटर्स के सात बैच डिलीवर किए। कंपनी ने हर बैच में डिलीवर किए गए जेट की संख्या नहीं बताई है। रिपोर्ट के अनुसार, हर बैच में दो या तीन फाइटर जेट डिलीवर किए गए। ऐसे में साल भर में UAC ने रूसी एयरोस्पेस फोर्स (VKS) को 14 से 21 Su-35 जेट डिलीवर किए।
यूरोफाइटर टाइफून और ग्रिपेन के सालाना प्रोडक्शन नंबर उपलब्ध नहीं हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 2025 में 12 टाइफून और 17 ग्रिपेन डिलीवर किए गए। यह कहा जा सकता है कि 2025 में राफेल, टाइफून, Su-35, Su-34 और ग्रिपेन को मिलाकर जितने विमान बनाए। लॉकहीड मार्टन ने उससे कहीं ज्यादा F-35 बना दिए।
F-35 को मिली कई कामयाबी
F-35 के इस असाधारण प्रोडक्शन का एक कारण यह है कि F-35 जॉइंट स्ट्राइक फाइटर (JSF) प्रोग्राम आठ अन्य देशों के साथ मिलकर डेवलप किया गया एक जॉइंट प्रोजेक्ट है। टेक्सास में फाइनल असेंबली से पहले F-35 जेट का 30 से 42 प्रतिशत हिस्सा तीन महाद्वीपों में अमेरिका के बाहर बनाया जाता है।
लॉकहीड मार्टिन अब तक 1,300 से ज्यादा एफ-35 विमान डिलीवर कर चुका है। उसका 20 देशों के साथ 3,000 से अधिक विमानों का समझौता है। रिकॉर्ड उत्पादन दर के अलावा एफ-35 ने साल 2025 में कई अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धियां भी हासिल की हैं। इस साल एफ-35 कार्यक्रम ने एक मिलियन (10 लाख) उड़ान घंटे पूरे किए और टेक्नोलॉजी रिफ्रेश 3 (TR-3) को पूरा करके अपना सबसे उन्नत सॉफ्टवेयर सूट डिलीवर किया।
भारत ने नहीं दिखाई दिलचस्पी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब और तुर्की को इस विमान को बेचने के अपने इरादे का संकेत दिया है। दोनों देशों ने एफ-35 खरीदने की अपनी इच्छा व्यक्त की है। बीते साल डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को भी यह लड़ाकू विमान बेचने की अपनी मंशा दिखाई थी। हालांकि भारत ने इस विमान को लेने में में खास दिलचस्पी नहीं दिखाई है। भारत की एयरफोर्स के पास रूस और फ्रांस से मिले फाइटर जेट हैं।














