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  • अरुणाचल सीमा के पास चीन की बड़ी चाल, सिचुआन में गुप्त परमाणु अड्डे को किया अपग्रेड, भारत की बढ़ी चिंता

    बीजिंग: चीन ने अरुणाचल प्रदेश की सीमा के नजदीक अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम का तेजी से विस्तार कर रहा है। इसका खुलासा रविवार को प्रकाशित द न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT) की एक रिपोर्ट से हुआ है। इसमें सैटेलाइट इमेजरी का विश्लेषण कर बताया गया है कि दक्षिण-पश्चिमी सिचुआन प्रांत में चीन के न्यूक्लियर हथियार प्रोग्राम का


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    By Azad Hind Desk फरवरी 17, 2026
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    बीजिंग: चीन ने अरुणाचल प्रदेश की सीमा के नजदीक अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम का तेजी से विस्तार कर रहा है। इसका खुलासा रविवार को प्रकाशित द न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT) की एक रिपोर्ट से हुआ है। इसमें सैटेलाइट इमेजरी का विश्लेषण कर बताया गया है कि दक्षिण-पश्चिमी सिचुआन प्रांत में चीन के न्यूक्लियर हथियार प्रोग्राम का तेजी से विस्तार हो रहा है। इमेजरी से पता चलता है कि अरुणाचल प्रदेश से लगभग 800 किलोमीटर दूर कई न्यूक्लियर-लिंक्ड साइट्स पर लगातार कंस्ट्रक्शन और मॉडर्नाइजेशन का काम किया जा रहा है। इससे भविष्य में भारत की चिंता बढ़ने की आशंका है, क्योंकि चीन अरुणाचल प्रदेश पर अधिकार का दावा करता है।

    तेजी से परमाणु हथियार बना रहा चीन

    चीन अपने परमाणु हथियारों के भंडार को तेजी से बढ़ा रहा है। पिछले 10 वर्षों में चीन परमाणु हथियारों के मामले में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश बन गया है। अनुमान के मुताबिक, 2026 की शुरुआत तक चीन के परमाणु वॉरहेड्स की संख्या लगभग 600 होगी, जो सिर्फ रूस और अमेरिका से पीछे है। रूस के पास लगभग 5,400 वॉरहेड्स हैं और अमेरिका के पास 5,100 से 5,200 के बीच वारहेड्स हैं। पेंटागन का अनुमान है कि वर्ष 2030 तक चीन के पास 1000 से अधिक परमाणु वारहेड्स होंगे।

    सिचुआन में चीन की नापाक चाल का खुलासा

    द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, चीन सिचुआन में स्थित परमाणु फैसिलिटी को तेजी से अपग्रेड कर रहा है। इस फैसिलिटी की शुरुआत छह दशक पहले शीत युद्ध के दौरान हुई थी। इसे चीन के पहले तानाशाह माओत्से तुंग के “थर्ड फ्रंट” प्रोग्राम के तहत बनाया गया था, ताकि जरूरी रक्षा उद्योग को सुरक्षा की दृष्टि से कमजोर तटीय इलाकों से हटाकर पहाड़ी इलाकों में शिफ्ट किया जा सके। इसका मकसद अमेरिका या उस समय के सोवियत यूनियन के हमलों की हालत में तबाही के खतरे को कम करना था। इस पहल के तहत, दक्षिण-पश्चिमी चीन की दूर-दराज की घाटियों में न्यूक्लियर प्रोडक्शन फैसिलिटीज, लैबोरेटरी और सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर बनाए गए।

    परमाणु फैसिलिटी को अपग्रेड कर रहा चीन

    पिछले दो दशकों में खासकर 2019 के बाद से चीन ने कई परमाणु फैसिलिटी पर कंस्ट्रक्शन के काम तेज किए हैं और इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड किया है। इसे चीन की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति में परमाणु हथियारों की बढ़ती भूमिका का संकेत माना जा रहा है। अमेरिकी अधिकारियों और रिसर्चर्स ने चिंता जताई है कि एक बढ़ा हुआ न्यूक्लियर डिटरेंट पारंपरिक झगड़ों में, खासकर ताइवान से जुड़े मामलों में, चीन के कैलकुलेशन को बदल सकता है।

    भारत की बढ़ेगी टेंशन?

    अरुणाचल प्रदेश के पास चीन के परमाणु फैसिलिटी के अपग्रेडेशन से भारत की चिंता बढ़ सकती है। भारत और चीन में पुराना सीमा विवाद है। चीन लगातार अरुणाचल प्रदेश पर दावा जताता रहता है। ऐसे में अरुणाचल प्रदेश के पास चीन के परमाणु हथियारों के निर्माण और मौजूदगी से भारत की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। हालांकि, चीन भी जानता है कि भारत एक परमाणु शक्ति संपन्न देश है, जिसने लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएएसी) के पास बड़े पैमाने पर सैन्य तैयारियां की हुई हैं। ऐसे में चीन भी भारत के खिलाफ ऐसे हथियारों से इस्तेमाल से बचना चाहेगा।

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