तस्वीरों में आकाश एयर डिफेंस सिस्टम दिख रहा है, जिसने मई-2025 संघर्ष के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध में शानदार प्रदर्शन किया था। इसके अलावा पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर दिख रहा है। तस्वीर में एडवांस्ड टाउड आर्टिलरी गन सिस्टम (ATAGS) जैसे हथियार भी भारत की रक्षा शक्ति को दिखा रहे हैं। आर्मेनिया के साथ रक्षा साझेदारी, दक्षिण काकेशस क्षेत्र में भारत के बढ़ते भू-राजनीतिक प्रभाव को दर्शाती है।
आर्मेनिया और भारत के रक्षा संबंध कितने मजबूत हैं?
भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने आर्मेनिया की चार दिन की आधिकारिक यात्रा की थी और उसी समय भारतीय हथियारों की प्रदर्शनी लगाई गई थी। इस यात्रा के दौरान जो बात सबसे खास थी, वह थी आर्मेनियाई सेनाओं की तरफ से दिखाया गया सच्चा प्यार और गर्व, जब उन्होंने भारतीय प्रतिनिधिमंडल को भारतीय रक्षा उपकरणों की शानदार रेंज दिखाई, ऐसे सिस्टम जिन्हें आर्मेनिया ने गर्व से अपनाया है और अब आत्मविश्वास के साथ इस्तेमाल कर रहा है।
वीडियो में दिख रहा है कि कैसे आर्मेनिया के सैन्य अधिकारी भारी उत्साह के साथ जनरल चौहान को भारतीय हथियारों और हथियार यार्ड में घुमा रहे हैं और भारतीय हथियार प्लेटफॉर्म दिखा रहे हैं। इनमें MArG (मोबाइल आर्टिलरी रॉकेट गन), शक्तिशाली ATAGS (एडवांस्ड टोएड आर्टिलरी गन सिस्टम), भरोसेमंद आकाश एयर डिफेंस सिस्टम और दमदार पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर दिख रहे हैं। ये भारत की मेड इन इंडिया क्षमता को दिखाता है और दिखाता है कि भारतीय हथियार भविष्य में कितना कमाल कर सकते हैं।
आर्मेनिया में मेड इन इंडिया हथियारों की प्रदर्शनी
आपको बता दें कि ATAGS, भारत में विकसित एक पूरी तरह से स्वदेशी टोएड होवित्जर है, जिसकी मार करने की क्षमता 45 किलोमीटर से ज्यादा है। इसने अपनी सटीक फायरिंग क्षमता से हर किसी को हैरान किया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत मुश्किल, जटिल और पहाड़ी इलाकों में तेजी से लैस करने और बेहतरीन प्रदर्शन करने की है। ये आर्मेनिया के पहाड़ी क्षेत्रों के लिए एकदम सही है। इसके साथ ही, ट्रेजन है, जो लाइसेंस के तहत भारत में बनाया गया एक ट्रक-माउंटेड 155mm/52 कैलिबर होवित्जर है, जो बेहतरीन मोबिलिटी और क्लासिक शूट-एंड-स्कूट टैक्टिक्स देता है। यह उस तरह का सिस्टम है जो NATO की प्रमुख सेनाओं की तरफ से इस्तेमाल की जाने वाली एडवांस्ड पहियों वाली आर्टिलरी के काफी करीब है।
वहीं, बिना पिनाका MLRS के बिना कोई शोकेस पूरा नहीं हो सकता है। यह भारत का शक्तिशाली मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम है जो 75 किलोमीटर के दायरे में दुश्मनों के ठिकानों को पूरी तरह से तबाह करने की क्षमता रखता है। आर्मेनिया अब इस प्लेटफॉर्म का एक प्रमुख ऑपरेटर बन गया है। भारत ने हाल ही में आर्मेनिया को गाइडेड पिनाका रॉकेट भी सौंपे हैं, जिससे इसकी सटीकता और स्ट्राइक करने की क्षमता काफी ज्यादा बढ़ गई है। इस लाइनअप में आकाश-1S भी था, जो एक मीडियम-रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल सिस्टम है, जिसे फाइटर जेट, हेलीकॉप्टर, ड्रोन और क्रूज मिसाइलों को बेअसर करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी स्वदेशी सीकर टेक्नोलॉजी बेहतर सटीकता और इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग के प्रति मजबूत प्रतिरोध प्रदान करती है।













