वास्तविक परिस्थितियों में कठोर प्रशिक्षण के माध्यम से, दोनों दल आपसी विश्वास और परिचालन तालमेल को मजबूत करेंगे। इसके अलावा उच्च कोटि की साझेदारियां स्थापित करना, साझा संकल्प को मजबूत करना है।
संयुक्त टीम मिशन की योजना बनाना, टोही मिशन समेत अन्य तरह के किए जाएंगे अभ्यास
अभ्यास के दौरान जिन अभ्यासों/पहलुओं का पूर्वाभ्यास किया जाएगा उनमें संयुक्त टीम मिशन की योजना बनाना, टोही मिशन, मानवरहित हवाई प्रणालियों का उपयोग, विशेष अभियानों का निष्पादन, संयुक्त टर्मिनल अटैक कंट्रोलर की कार्रवाई और विशेष अभियानों में मनोवैज्ञानिक युद्ध शामिल होंगे। इसके अलावा आतंकवाद-विरोधी और उग्रवाद-विरोधी वातावरण में अभियान चलाकर ताकत का मूल्यांकन करना शामिल है।
वज्र प्रहार अभ्यास से दोनों पक्ष संयुक्त विशेष बल अभियानों के संचालन के लिए अपने सर्वोत्तम तौर-तरीकों और अनुभवों को साझा कर सकेंगे। यह अभ्यास दोनों देशों के सैनिकों के बीच पारस्परिक सहयोग, सौहार्द और भाईचारे को बढ़ावा देगा।
संयुक्त सैन्य अभ्यास वज्र प्रहार की शुरुआत 2010 में हुई थी
भारत और अमेरिका के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास वज्र प्रहार की शुरुआत 2010 में हुई थी। लेकिन किसी खास कारण से 2012 से 2015 के बीच वज्र प्रहार का अभ्यास नहीं हुआ। 2020 में भी वज्र प्रहार का अभ्यास नहीं हुआ। बता दें कि वज्र प्रहार XIII का आयोजन अगस्त 2022 में बकलोह, हिमाचल प्रदेश में ही हुआ था, जबकि वज्र प्रहार XII का आयोजन अक्टूबर 2021 में वाशिंगटन (अमेरिका) में हुआ था।













