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  • आधुनिक इंसान और विलुप्त इंसानी प्रजाति के मिलन बिंदु की खोज! इंडोनेशियाई गुफा में खोज से चौंके वैज्ञानिक

    जकार्ता: इंडोनेशिया में वैज्ञानिकों को कुछ ऐसे सबूत मिले हैं, जिसने चौंका दिया है। इस खुदाई से संकेत मिलते हैं कि इंसान और होमिनिन की एक पुरानी प्रजाति एक समय एक ही गुफा में रहते थे। यानी इंसान और इंसानों की विलुप्त प्रजातियां शायद एक समय साथ-साथ रह रही थीं। सुलावेसी इंडोनेशियाई द्वीपसमूह के केंद्र


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    By Azad Hind Desk जनवरी 16, 2026
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    जकार्ता: इंडोनेशिया में वैज्ञानिकों को कुछ ऐसे सबूत मिले हैं, जिसने चौंका दिया है। इस खुदाई से संकेत मिलते हैं कि इंसान और होमिनिन की एक पुरानी प्रजाति एक समय एक ही गुफा में रहते थे। यानी इंसान और इंसानों की विलुप्त प्रजातियां शायद एक समय साथ-साथ रह रही थीं। सुलावेसी इंडोनेशियाई द्वीपसमूह के केंद्र के पास स्थित है, जहां यह खुदाई हुई है। यह देश का चौथा सबसे बड़ा द्वीप और मुख्य भूमि दक्षिण पूर्व एशिया और साहूल नाम के क्षेत्र के बीच सबसे बड़ा भूभाग है, जिसमें ऑस्ट्रेलिया और न्यू गिनी शामिल हैं। इस स्थिति के कारण यह शायद पूर्व की ओर जाने वाली प्राचीन आबादी के लिए एक पड़ाव का काम करता था।

    टीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, इंडोनेशिया की इस गुफा की गहरी खुदाई में शोधकर्ताओं ने 200,000 साल पुरानी पुरातात्विक परतों तक पहुंच बनाई है। इस जगह पर करीब 40,000 साल पहले औजारों के इस्तेमाल, भोजन के अवशेषों और प्रतीकात्मक वस्तुओं में एक स्पष्ट बदलाव दिखाई देता है। यह वह समय है जब होमो सेपियन्स (आधुनिक इंसान) के इस क्षेत्र में आना माना जाता है। परत के नीचे गुफा में एक पुरानी आबादी के निशान मिलते हैं, जिनकी पहचान अभी अनिश्चित है। ये परतें एक दुर्लभ संक्रमणकालीन रिकॉर्ड पेश करती हैं। इससे यह संभावना बढ़ती है कि दो मानव प्रजातियां एक ही स्थान पर एक-दूसरे से मिली होंगी।

    खोज पर एक्सपर्ट की नजर

    यह खोज सुलावेसी को पुरातत्वविदों के लिए महत्वपूर्ण बनातू है। वहां संरक्षित कोई भी सबूत यह पता लगाने में मदद कर सकता है कि विभिन्न मानव समूह इस क्षेत्र से यात्रा करते समय कैसे चले, अनुकूलित हुए और कैसे मिले। सुलावेसी के दक्षिणी भाग में लेआंग बुलू बेट्टू गुफा 2013 से सक्रिय खुदाई चल रही है। 2023 में शोधकर्ताओं ने 26 फीट गहरी खुदाई पूरी की। प्रत्येक परत हजारों वर्षों में जमी हुई कब्जे की अलग अवधि का प्रतिनिधित्व करती है।

    इस खुदाई में मिली सबसे गहरी परते 200,000 साल पुरानी हैं। एक हालिया रिसर्च 40,000 साल पहले पुरातात्विक रिकॉर्ड में एक तेज बदलाव दिखाई देता है। 40,000 साल के निशान के नीचे, गुफा में कोबल और फ्लेक औजार जैसे साधारण पत्थर के औजार मिलते हैं। ये नदी के पत्थरों को मारकर तेज धार वाले बनाए जाते थे। कुछ का इस्तेमाल पिक या काटने के औजार के रूप में किया जाता था।

    शोधकर्ताओं को मिली हड्डियां

    इन औजारों के साथ शोधकर्ताओं को बंदरों की हड्डियां मिलीं। यह अप्रत्याशित था क्योंकि बंदरों जैसे फुर्तीले जानवरों का शिकार करने के लिए योजना और कौशल की आवश्यकता होती है। इस तरह का व्यवहार आमतौर पर बहुत शुरुआती होमिनिन्स से नहीं जुड़ा होता है। इससे पता चलता है कि यह समूह पहले सोचे गए लोगों की तुलना में अधिक सक्षम हो सकता है।

    इन तत्वों को व्यापक रूप से होमो सेपियन्स से जोड़ा जाता है। उनकी उपस्थिति बताती है कि इस समय इंसान सुलावेसी पहुंचे और गुफा के उपयोग के तरीके को बदल दिया। इस आगमन के पुरानी होमिनिन आबादी के साथ ओवरलैप पर अभी भी अनिश्चित्ता है। हालांकि परतों का क्रम उन्हें समय के इतने करीब रखता है कि यह संभावना बढ़ जाती है।

    शोधकर्ताओं का कहना है कि लेआंग बुलू बेट्टू मानव प्रजातियों के बीच मिलन बिंदु की पहचान करने के लिए दुनिया में सबसे अच्छे अवसरों में से एक है। सुलावेसी में होमो सेपियन्स के आने से पहले लाखों वर्षों तक होमिनिन्स का निवास रहा। गहराई तक खुदाई करने से ओवरलैप के प्रत्यक्ष प्रमाण मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

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