आपकी लिखावट से पता चल जाएगा दिमाग में क्या चल रहा
क्या राइटिंग से आपके व्यवहार और भावनात्मक स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है? AI समिट में Prisma AI कंपनी का दावा है कि राइटिंग सिर्फ शब्दों का माध्यम नहीं है, बल्कि मस्तिक की न्यूरोलॉजिकल अभिव्यक्ति है, जो किसी की भावनात्मक स्थित, तनाव के लेवल और व्यक्तित्व से जुड़ा संकेत देती है। लिखते समय एक ब्रेन-ड्रिवन मोटर एक्टिविटी होती है, जिसमें दिमाग हाथ की मांसपेशियों को संकेत भेजता है। इसी प्रक्रिया में बनने वाले पैटर्न- जैसे स्लैंट, प्रेशर, स्पेसिंग, बेसलाइन अलाइनमेंट और लेटर फॉर्मेशन का एनालिसिस करके उनका प्रोडक्ट GrySENSE व्यवहारिक कंडीशन को समझता है।
कंपनी का दावा है कि हर व्यक्ति की लिखावट उसकी ‘न्यूरोलॉजिकल सिग्नेचर’ होती है। यह विश्लेषण भावनात्मक स्थिरता, स्ट्रेस और एंग्जायटी संकेतक, आत्मविश्वास, लीडरशिप प्रवृत्ति, निर्णय लेने की शैली, मानसिक थकान, फोकस और अनुशासन जैसे पहलुओं पर रोशनी डालता है। कंपनी अभी उद्यमियों, बिजनेस लीडर्स, प्रोफेशनल्स, छात्रों, HR टीमों, फरेंसिक प्रोफाइलिंग से जुड़े लोगों को यह सर्विस ऑफर कर रही है।
एक्सरसाइज सही कर रहे या नहीं, कुछ सेकंड में बता देगा यह AI
स्वदेशी हेल्थ-टेक स्टार्टअप Krigat अपने स्पेशल AI बेस्ड फिजियोथेरपी टूल की वजह से चर्चा में है। कंपनी ने ऐसी तकनीक विकसित की है जो साधारण कैमरे की मदद से शरीर की गतिविधियों का विश्लेषण करती है। इसकी तकनीक कंप्यूटर विजन और बायोमैकेनिक्स पर आधारित है। जब कोई व्यक्ति एक्सरसाइज या फिजियोथेरपी मूवमेंट करता है, तो कैमरा उसकी हरकतों को रेकॉर्ड करता है।
इसके बाद AI सिस्टम शरीर के जोड़ों के एंगल, संतुलन और मूवमेंट की गुणवत्ता का विश्लेषण करता है। यह पूरी प्रक्रिया रियल-टाइम में होती है। इसका सबसे बड़ा फायदा मरीजों और डॉक्टरों दोनों को होता है। फिजियोथेरपिस्ट को तुरंत पता चल जाता है कि मरीज सही तरीके से एक्सरसाइज कर रहा है या नहीं। अगर कोई गलती हो रही है तो उसे तुरंत सुधारा जा सकता है। वहीं, मरीज घर बैठे भी सही गाइडेंस के साथ अपनी रिकवरी जारी रख सकता है। कंपनी का दावा है कि यह तकनीक रीहैबिलिटेशन की लागत कम कर सकती है और इसे ज्यादा लोगों तक पहुंचा सकती है। Krigat के को-फाउंडर आदित्य छाबड़ा और प्रियंशी टेटर ने AI समिट में अपने इस प्रोडक्ट के बारे में जानकारी दी।
खतरे वाली जगहों पर काम करने वालों की सुरक्षा बढ़ाता है यह रोबोट
खतरनाक इंडस्ट्रियल एनवायरमेंट में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा और दक्षता को बढ़ाने के लिए ग्लोबल कंसल्टिंग कंपनी EY ने स्काउट नाम का एक अडवांस रोबोटिक समाधान पेश किया है। यह पहल डिजिटल ट्विन, रोबोटिक्स और फिजिकल AI के संयोजन पर आधारित है, जिसका मकसद इंसानी कर्मचारियों के सहयोगी के रूप में काम करता है। किसी भी खतरे का अलर्ट मिलने के बाद कर्मचारियों की जगह स्काउट को मौके पर भेजा जा सकता है। स्काउट वहां फोटो, विडियो और CAD सेंसर से डेटा जुटाता है। इस डेटा को AI और लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) के साथ एकीकृत कर एनालिसिस किया जाता है, जिससे आवश्यक कार्रवाई के बारे में सही सुझाव मिलता है। EY के अनुसार, इस समाधान से रोबॉट इंसानों का सहयोगी बनकर सुरक्षित माहौल में काम करने में उनकी मदद कर सकता है।
ड्रोन से डिलिवरी, इंसान की मदद के बिना दरवाजे तक पहुंचेगा सामान
Skye Air Mobility ने AI समिट में एंड-टु-एंड ऑटोनॉमस कॉमर्स डिलिवरी सिस्टम दिखाया। इस हाइपरलोकल ड्रोन डिलिवरी प्लैटफॉर्म ने Arrive AI और Ottonomy के साथ करार करके इस सिस्टम को बनाया है। इसमें एरियल ड्रोन, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्राउंड रोबॉटिक्स को इंटीग्रेट किया गया है। यह सिस्टम बिना किसी इंसानी हस्तक्षेप के सामान सीधे ग्राहकों के दरवाजे तक पहुंचाने में सक्षम है। कंपनी के अनुसार, पिछले 2 साल में 36 लाख से अधिक डिलिवरी इससे पूरी की गई है। कंपनी के संस्थापक अंकित कुमार ने बताया कि कंपनी के ड्रोन को विशेष रूप से शहरी लॉजिस्टिक्स के लिए डिजाइन किया गया है। इनकी पेलोड क्षमता 10 किलोग्राम तक है। यह रिटेल सामान, किराना, दवाइयों और मेडिकल सप्लाई सहित विभिन्न क्षेत्रों में उपयोगी है। अभी वाहनों से जो डिलिवरी हो रही है, उससे पर्यावरण को भी काफी नुकसान होता है, लेकिन इस सिस्टम की वजह से डिलिवरी के वक्त कार्बन उत्सर्जन लगभग जीरो होता है।
एक बॉक्स में रहेगा AI, Sovereign AI Box लॉन्च
तेजी से बढ़ती AI तकनीक के बीच अब बहस सिर्फ इसकी पहुंच तक सीमित नहीं रही, बल्कि सवाल यह उठने लगा है कि डेटा और मॉडल पर कंट्रोल किसका होगा। सरकारों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे से जुड़े क्षेत्रों में सॉवरेन AI यानी संप्रभु AI की जरूरत तेजी से महसूस की जा रही है। इसी दिशा में ParadigmIT ने Sovereign AI Box पेश किया है। यह पूरी तरह ऑन-प्रिमाइस, एयर-गैप्ड प्राइवेट AI क्लाउड समाधान है, जिसे खास तौर पर सरकारी विभागों और मिशन-क्रिटिकल संस्थानों के लिए तैयार किया गया है। एयर-गैप्ड होने का मतलब है कि यह सिस्टम बाहरी इंटरनेट या पब्लिक क्लाउड से पूरी तरह अलग रहता है, जिससे साइबर हमलों और डेटा लीक का खतरा काफी कम हो जाता है। Sovereign AI Box डेटा लोकलाइजेशन नियमों, साइबर सुरक्षा आवश्यकताओं और नियामकीय अनुपालन से जुड़े मौजूदा चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।













